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बैंक और व्यापार: प्रगति के लिए बढ़ाएं सहयोग, यूपी व्यापार मंडल ने की बैठक

By Nov 20, 2025

तेजी से बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूती प्रदान करने के लिए उद्योग और व्यापार के सुदृढ़ आर्थिक ढांचे की आवश्यकता पर बल दिया गया है। इस महत्वपूर्ण विषय पर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की एक कोर कमेटी की बैठक बरेली के एकता नगर स्थित एक होटल में आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य अतिथि के तौर पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक बृजेश तिवारी शामिल हुए।

बैठक को संबोधित करते हुए बृजेश तिवारी ने कहा कि भारत वर्तमान में दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, लेकिन तीसरे स्थान पर पहुंचने के लिए औद्योगिक प्रगति और वाणिज्यिक गतिविधियों को और अधिक गति देना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) की स्थापना, व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार और युवाओं को नौकरी के बजाय स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है। इस दिशा में वित्तीय संस्थान भी पूरा सहयोग देने के लिए तत्पर हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंक अब बिना किसी प्रतिभूति (collateral) के भी उद्यमियों और व्यापारियों को ऋण उपलब्ध कराने के इच्छुक हैं, जिससे नए व्यवसायों को बढ़ावा मिल सके।

उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि बैंक और व्यापार एक दूसरे के पूरक हैं। बैंकों की प्रगति तभी संभव है जब लाभकारी उद्यम उनसे ऋण लेकर सफलतापूर्वक संचालित हों। उन्होंने कहा कि जब व्यापारी कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा होता है, तो बैंकों को कागजी कार्रवाई के बोझ से उसे और अधिक परेशान नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में, सहयोग बढ़ाना ही बैंक की वास्तविक भूमिका होनी चाहिए।

महानगर महामंत्री राजेश जसोरिया ने इस बात पर जोर दिया कि उद्योग और व्यापार की समृद्धि सीधे तौर पर बैंकों की तरक्की से जुड़ी हुई है। यदि व्यापार कमजोर होगा, तो इसका नकारात्मक प्रभाव बैंकिंग सिस्टम पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बैंकों द्वारा लगाए जाने वाले परोक्ष शुल्क (indirect charges) कई बार नए उद्यमियों की प्रारंभिक स्थिति को कमजोर कर देते हैं। पूंजीगत खर्चों में वृद्धि उन्हें हतोत्साहित कर सकती है। इसलिए, बैंकों को अपने शुल्क और अन्य खर्चों को व्यावहारिक बनाते हुए उद्यमियों को राहत प्रदान करनी चाहिए।

इस दौरान जीएसटी विभाग द्वारा व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान किए जाने पर भी चिंता व्यक्त की गई। कहा गया कि विभागीय सख्ती कई बार व्यापारियों के लिए परेशानी का सबब बन जाती है, जिससे उनके व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। बैठक में संजीव चांदना, राकेश अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, गिरधर देवनानी, श्याम मिठवानी, ईशान सक्सेना, पुनीत खंडेलवाल, शिरीष गुप्ता, जितेंद्र रस्तोगी और संजीव अग्रवाल मिंटू सहित कई अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

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