बाबूबरही विधानसभा चुनाव 2025: जदयू और राजद में सीधी टक्कर, जनसुराज बिगाड़ेगी खेल?
बिहार की राजनीति में बाबूबरही विधानसभा सीट का अपना एक विशेष महत्व है। 2025 के आगामी विधानसभा चुनावों में यह सीट एक बार फिर सुर्खियों में रहने वाली है, जहां जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बीच सीधी और कड़े मुकाबले की प्रबल संभावना है। यह सीट मधुबनी जिले के अंतर्गत आती है और झंझारपुर लोकसभा सीट का हिस्सा है, जिससे इसका क्षेत्रीय महत्व और बढ़ जाता है।
हालांकि, इस बार चुनावी परिदृश्य में एक नया मोड़ प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी के मैदान में उतरने से आया है। जनसुराज की उपस्थिति इस पारंपरिक द्विपक्षीय मुकाबले को त्रिकोणीय बना सकती है, जिससे परिणाम अप्रत्याशित होने की उम्मीद है और यह देखना दिलचस्प होगा कि यह पार्टी किस ओर ‘डेंट’ लगाती है। यह चुनौती मौजूदा विधायक जदयू की मीना कुमारी के लिए भी बड़ी होगी, जिन्होंने 2020 में इस सीट पर जीत दर्ज की थी।
बाबूबरही विधानसभा सीट बिहार की 243 विधानसभाओं में से 34वीं है। भौगोलिक दृष्टि से इसमें बाबूबरही प्रखंड की 20, लदनियां की 15 और खजौली की सात पंचायतें शामिल हैं। यह क्षेत्र सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों से भी समृद्ध है। यहां राजा बलि का गढ़, राजा पद्मसिंह की राजधानी धरहरवा डीह, लक्ष्मी नारायण मंदिर, सर्रा का मदनेश्वर स्थान मंदिर और खोजपुर का सोमनाथ महादेव मंदिर जैसे कई महत्वपूर्ण स्थल मौजूद हैं, जो इसकी पहचान को और भी खास बनाते हैं।
इस सीट का चुनावी इतिहास भी काफी रोचक रहा है। 1977 के विधानसभा चुनाव में जनता पार्टी के देव नारायण यादव ने यहां से जीत हासिल की थी। हाल के चुनावों पर गौर करें तो, 2015 में जदयू के कपिल देव कामत ने विजय प्राप्त की थी, जिसके बाद 2020 के पिछले विधानसभा चुनाव में जदयू की मीना कुमारी ने जीत दर्ज कर सीट पर पार्टी का कब्जा बरकरार रखा। मीना कुमारी के लिए यह चुनाव अपनी सीट बचाने के साथ-साथ पार्टी के प्रदर्शन को बनाए रखने की भी चुनौती होगा।
आगामी चुनाव में जातीय समीकरण, स्थानीय मुद्दे, विकास के वादे और राजनीतिक दलों की रणनीति, सभी बाबूबरही के चुनावी नतीजों पर गहरा असर डालेंगे। जनसुराज की भूमिका यह तय करेगी कि क्या वे केवल वोट काटेंगे या किसी बड़े दल के चुनावी गणित को पूरी तरह बदल देंगे। यह सीट बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।
