IIT JAM और GATE Exams में एप्लाइड मैथ्स ने छात्रों को रुलाया, कटऑफ पर असर
देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs), भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) बेंगलुरु और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (NITs) में विज्ञान से संबंधित परास्नातक कोर्स में दाखिले के लिए आयोजित IIT JAM और एमटेक में प्रवेश के लिए होने वाली GATE परीक्षा में छात्रों को इस बार काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कानपुर सहित देशभर के विभिन्न ऑनलाइन सेंटरों पर हुई इन परीक्षाओं में पूछे गए सवालों ने परीक्षार्थियों को उलझाए रखा, जिससे कटऑफ पर असर पड़ने की संभावना है।
विशेष रूप से IIT JAM परीक्षा में एप्लाइड मैथ्स के प्रश्नों ने छात्रों को खूब परेशान किया। पिछले साल की तुलना में इस बार पेपर अधिक कठिन बताया जा रहा है, जिसमें प्योर मैथ्स के बजाय एप्लाइड मैथ्स के सवाल अधिक पूछे गए। विशेषज्ञों का मानना है कि इस वजह से IIT JAM का कटऑफ कम जा सकता है।
वहीं, GATE परीक्षा में भी छात्रों को सीधे फॉर्मूले आधारित प्रश्नों के बजाय अवधारणाओं के उपयोग पर आधारित सवालों से जूझना पड़ा। कुछ प्रश्न काफी लंबे थे, जिससे उन्हें हल करने में अधिक समय लगा। परीक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, IIT JAM में सामान्य वर्ग का कटऑफ 15 अंक और एससी वर्ग का कटऑफ 10 अंक तक जा सकता है, जबकि GATE का कटऑफ पिछले वर्ष के समान रहने की उम्मीद है।
ये दोनों ही परीक्षाएं देश के हजारों छात्रों के उच्च शिक्षा और करियर के लिए महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार हैं। GATE स्कोर के आधार पर कई मल्टीनेशनल कंपनियां आकर्षक पैकेज पर नौकरी भी प्रदान करती हैं, जिससे छात्रों में इसका विशेष रुझान रहता है। परीक्षाओं की कठिनाई का सीधा असर छात्रों के भविष्य की संभावनाओं पर पड़ेगा।
