ईरान-इजराइल युद्ध के बीच अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर, ट्रम्प ने दी 48 घंटे की चेतावनी | Iran Israel war news
ईरान-इजराइल युद्ध (Iran Israel war news) के बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। ईरान ने दावा किया है कि उसने शुक्रवार को दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मार गिराया है। इनमें एक F-35 फाइटर जेट और दूसरा A-10 अटैक एयरक्राफ्ट शामिल है। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि गिराया गया फाइटर जेट F-35 नहीं, बल्कि F-15E था।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने उनकी बात नहीं मानी तो भारी तबाही मचाई जाएगी। ट्रम्प ने कहा कि समय खत्म हो रहा है और ईरान को जल्द से जल्द फैसला लेना होगा।
इस तनावपूर्ण माहौल के बीच भारत ने खाड़ी क्षेत्र में अपने नागरिकों और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। भारतीय LPG टैंकर ‘ग्रीन संवी’ होर्मुज स्ट्रेट को पार कर गया है। जहाज में करीब 46,650 मीट्रिक टन गैस लदी है। सरकार के मुताबिक, खाड़ी क्षेत्र में इस समय 18 भारतीय जहाज और करीब 485 भारतीय नाविक मौजूद हैं। अब तक 964 से ज्यादा भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है।
ईरान में अमेरिकी पायलट को पकड़ने पर इनाम
ईरान ने अमेरिकी फाइटर जेट के पायलट को पकड़ने पर 10 बिलियन ईरानी तोमान (लगभग 55 लाख रुपए) के इनाम का ऐलान किया है। ईरान के सरकारी मीडिया IRIB के एक एंकर ने नागरिकों से अपील की है कि वे अमेरिकी पायलट को जिंदा पकड़कर सरकारी अधिकारी या सेना को सौंपे।
इजराइल में मिसाइल अलर्ट
इजराइल ने एक बार फिर मिसाइल हमले को लेकर अलर्ट जारी किया है। इजराइली सेना ने चेतावनी दी है कि ईरान की ओर से मिसाइलें देश की तरफ बढ़ रही हैं। सेना के अलर्ट के बाद कई इलाकों में सायरन बजने लगे और नागरिकों को तुरंत सुरक्षित स्थानों या बंकर में जाने के निर्देश दिए गए। इजराइल ने कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं और मिसाइलों को रोकने की कोशिश की जा रही है।
ट्रम्प ने नाटो को बताया गैर-भरोसेमंद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने NATO को कमजोर और गैर-भरोसेमंद साझेदार बताया है। सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रम्प ने ट्रम्प ने संकेत दिया कि अमेरिका इसके साथ अपने रिश्तों की समीक्षा कर सकता है। ट्रम्प ने कहा कि मौजूदा हालात में NATO अपने दायित्वों को पूरी तरह निभाने में असफल रहा है। उन्होंने ईरान युद्ध के दौरान कई सहयोगी देशों के रुख पर नाराजगी जताई।
