अलीगढ़ नुमाइश का सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ समापन, अगले साल फिर मिलने का वादा | Aligarh News
अलीगढ़ की ऐतिहासिक राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी, जिसे स्थानीय रूप से नुमाइश के नाम से जाना जाता है, का शनिवार को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भव्य समापन हो गया। 37 दिनों तक चले इस आयोजन ने शहर की सांस्कृतिक विरासत, औद्योगिक प्रगति और कृषि नवाचारों को एक साथ प्रदर्शित किया, जिससे स्थानीय लोगों को एक अनूठा अनुभव मिला। यह वार्षिक आयोजन अलीगढ़ के सामाजिक और आर्थिक जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो हर साल बड़ी संख्या में आगंतुकों को आकर्षित करता है।
16 जनवरी से शुरू होकर 21 फरवरी तक चली इस नुमाइश ने कृष्णांजलि नाट्यशाला में आयोजित समापन समारोह के साथ अपनी यात्रा पूरी की। प्रभारी डीएम व सीडीओ योगेन्द्र कुमार और कार्यकारिणी सदस्यों ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। इस दौरान प्रदर्शनी सहायक अर्पित शर्मा और रचित वशिष्ठ ने नुमाइश की सफल रूपरेखा पर प्रकाश डाला। संगीता डांस एकेडमी के बच्चों ने गणेश वंदना प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया।
प्रभारी डीएम योगेन्द्र कुमार ने नुमाइश के आयोजन को अत्यंत भव्य और सुव्यवस्थित बताया। प्रभारी अधिकारी नुमाइश एवं एडीएम सिटी किंशुक श्रीवास्तव ने स्वीकार किया कि आयोजन के दौरान कुछ कमियां सामने आईं, जिनसे सीख लेते हुए आगामी वर्षों में इस महोत्सव को और अधिक बेहतर, सुव्यवस्थित और जनोन्मुखी बनाने का वादा किया। यह आश्वासन शहरवासियों के लिए अगले साल के आयोजन के प्रति उम्मीद जगाता है।
समापन समारोह में उत्कृष्ट व्यवस्थापन के लिए कन्हैया लाल, विद्युत सजावट के लिए बंसल इलेक्ट्रिक और उद्यमी धनजीत वाड्रा सहित कई दुकानदारों और स्टॉल संचालकों को सम्मानित किया गया। इस आयोजन ने न केवल स्थानीय कला और व्यापार को बढ़ावा दिया, बल्कि शहर की एकता और सांस्कृतिक समृद्धि को भी मजबूत किया।
