0

AI और साइबर सुरक्षा से बढ़ेगी Indian Navy की ताकत, IIT कानपुर करेगा मदद

By Feb 4, 2026

भारतीय नौसेना अपनी तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर काम करेगी। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने हाल ही में आईआईटी कानपुर का दौरा किया, जिसके बाद दोनों संस्थानों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा और डेटा एनालिटिक्स के क्षेत्र में सहयोग को लेकर सहमति बनी है। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना और तटीय क्षेत्रों की डिजिटल सुरक्षा को उन्नत बनाना है।

एडमिरल त्रिपाठी ने आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (SIIC) और C3I हब में चल रहे नवाचारों और अनुसंधान कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया। संस्थान के उप निदेशक प्रो. बृजभूषण और अन्य अधिकारियों ने उन्हें विकसित की जा रही अत्याधुनिक तकनीकों, टूल्स और प्रणालियों के बारे में जानकारी दी। नौसेना प्रमुख ने विशेष रूप से रक्षा क्षेत्र से जुड़े डीप-टेक नवाचारों में गहरी रुचि दिखाई।

बैठक के दौरान, एडमिरल त्रिपाठी ने तटीय क्षेत्रों की साइबर सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष चर्चा की। संस्थान के विशेषज्ञों ने बताया कि किस प्रकार आधुनिक साइबर निगरानी प्रणालियों और रियल-टाइम डेटा एनालिसिस के जरिए समुद्री सीमाओं की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकता है। आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिक वर्तमान में बंदरगाहों को साइबर सुरक्षा प्रदान करने के लिए उन्नत तकनीक विकसित कर रहे हैं, जिसे अब नौसेना के साथ मिलकर और मजबूत किया जाएगा।

इस दौरे के बाद यह तय हुआ है कि भारतीय नौसेना जल्द ही आईआईटी की तकनीक का उपयोग अपने सुरक्षा कवच को मजबूत करने में करेगी। एडमिरल ने 15 उच्च प्रभावी डीप-टेक स्टार्टअप्स का भी निरीक्षण किया, जिनमें स्वायत्त प्रणाली, ड्रोन और उन्नत विनिर्माण क्षेत्र के स्टार्टअप शामिल थे। उम्मीद है कि जल्द ही दोनों संस्थानों के बीच औपचारिक समझौता (MoU) होगा, जिससे संयुक्त परियोजनाएं शुरू की जा सकेंगी और सेना को अत्याधुनिक तकनीक की मदद से मदद मिलेगी।

About

Journalist covering latest updates.

अगली खबरें

यूपी ने कौशल विकास में रचा इतिहास, बना देश का नंबर 1 राज्य | UP Skill Development News

उत्तर प्रदेश ने कौशल विकास के क्षेत्र में देश में पहला स्थान हासिल किया है। वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता 2026 के लिए राज्य में 1,09,249 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है, जो किसी भी भारतीय राज्य में...
By Feb 4, 2026

IIT कानपुर ने जीता Civil Aviation Innovation Challenge, AI तकनीक से दिखाया कमाल

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर देश के विमानन क्षेत्र में अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया है। हैदराबाद के बेगमपेट हवाई...
By Feb 4, 2026

घुमंतू समाज को मिलेगा स्थायी आवास और पहचान पत्र, UP government की बड़ी पहल

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के घुमंतू समाज को स्थायी आवास और पहचान से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने इस संबंध में घुमंतू समाज...
By Feb 4, 2026

यूपी में सीएचओ से दुष्कर्म और ब्लैकम्यूनिटी हेल्थ अफसर से दुष्कर्म, रूममेट के पति ने नशीला जूस पिलाकर लूटे जेवर

लखनऊ में कम्यूनिटी हेल्थ अफसर (सीएचओ) के पद पर कार्यरत एक युवती ने अपनी पूर्व रूममेट और उसके पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती ने बताया कि उसे नशीला जूस पिलाकर दुष्कर्म किया गया...
By Feb 4, 2026

कानपुर: जिस जमीन के लिए 50 साल लड़े वकील, वह 1985 में ही बिक चुकी थी; बेटे को मिला नोटिस

कानपुर में एक अधिवक्ता परिवार के साथ हुए बड़े land fraud का मामला सामने आया है। अधिवक्ता राजाराम वर्मा जिस जमीन के लिए पांच दशकों तक कानूनी लड़ाई लड़ते रहे, वह जमीन वास्तव में वर्ष...
By Feb 4, 2026

कानपुर में 37 बीघा जमीन का बड़ा घोटाला, 1985 में ही बिक गई थी संपत्ति; बेटे को 2025 में मिला नोटिस (Kanpur land dispute)

कानपुर में एक हैरान कर देने वाला जमीन विवाद सामने आया है। एक दिवंगत वकील राजाराम वर्मा जिस 37 बीघा जमीन के लिए पांच दशकों तक कानूनी लड़ाई लड़ते रहे, वह संपत्ति 1985 में ही...
By Feb 4, 2026

CM Yogi Adityanath की पहल से 19 साल बाद सुन सकी खुशी, ‘धन्यवाद योगी जी’ बोले पहले शब्द

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशीलता के कारण 19 वर्षीय खुशी गुप्ता को नई जिंदगी मिली है। जन्म से मूक-बधिर रही खुशी अब न केवल सुन सकती है, बल्कि धीरे-धीरे बोलना भी शुरू...
By Feb 4, 2026

CM Yogi Adityanath की पहल से 19 साल बाद सुन सकी खुशी, पहला शब्द बोला ‘धन्यवाद योगी जी’

ग्वालटोली क्षेत्र की रहने वाली 19 वर्षीय खुशी गुप्ता जन्म से ही मूक-बधिर थीं। उनके जीवन में एक नया अध्याय तब शुरू हुआ जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके इलाज में व्यक्तिगत रुचि ली। खुशी...
By Feb 4, 2026

साझा करें