आगरा मेट्रो: मार्च के अंत में दौड़ेगी ट्रेन, पांच स्टेशनों पर संचालन शुरू
आगरा मेट्रो का संचालन अब मार्च के अंतिम सप्ताह से शुरू होने की उम्मीद है, जो पहले अप्रैल में निर्धारित था। उप्र मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) की टीम ने हाल ही में किए गए निरीक्षण के बाद इस समय-सारणी में बदलाव किया है। यह परिवर्तन शहर के नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है, क्योंकि इससे सार्वजनिक परिवहन में सुधार होगा और यात्रा का समय कम होगा।
मेट्रो संचालन का नया शेड्यूल
यूपीएमआरसी की टीम ने बिजलीघर चौराहा स्थित मनकामेश्वर स्टेशन से लेकर आईएसबीटी स्टेशन तक का निरीक्षण किया। इस दौरान, पांच स्टेशनों पर मेट्रो के संचालन को हरी झंडी दे दी गई है। पहले अप्रैल में मेट्रो चलाने की योजना थी, लेकिन अब इसे मार्च के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जून तक सिकंदरा चौराहा तक मेट्रो का विस्तार किया जाएगा। आईएसबीटी सहित अन्य स्टेशनों के निर्माण में तेजी लाने के लिए मशीनों की संख्या बढ़ाई गई है।
पहले कॉरिडोर का विवरण
मेट्रो का पहला कॉरिडोर 14 किलोमीटर लंबा है। टीडीआई माल फतेहाबाद रोड से बिजलीघर चौराहा तक छह स्टेशन पहले ही बन चुके हैं। बिजलीघर चौराहा से आईएसबीटी तक पांच स्टेशन बनकर तैयार हैं। यूपीएमआरसी की टीम ने अप लाइन में मेट्रो का परीक्षण सफलतापूर्वक शुरू कर दिया है और जल्द ही डाउन लाइन में भी एक महीने तक चलने वाला परीक्षण शुरू होगा।
किराया और यात्रा का समय
मेट्रो का किराया 10 से 60 रुपये प्रति यात्री निर्धारित किया गया है। अप लाइन में सफल परीक्षण के बाद, निर्माण कार्य में और तेजी लाई गई है, खासकर आईएसबीटी स्टेशन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस स्टेशन के पूरा होने के बाद गुरु का ताल और सिकंदरा तिराहा स्टेशन पर भी काम तेजी से होगा। टीडीआई माल फतेहाबाद रोड से आईएसबीटी स्टेशन तक पहुंचने में केवल 15 से 20 मिनट लगेंगे, जबकि वर्तमान में जाम लगने पर 35 से 45 मिनट लग जाते हैं। सिकंदरा तिराहा तक यात्रा का समय 25 मिनट होगा।
यमुना नदी पर पुल का निर्माण
इसके अतिरिक्त, यमुना नदी पर 200 करोड़ रुपये की लागत से एक पुल का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। एक रिग मशीन से पाइलिंग का काम चल रहा है और जल्द ही दूसरी मशीन से भी काम शुरू होगा, जिससे आठ पिलरों का निर्माण तेजी से हो सकेगा।
