आगरा कैंट मारपीट मामला: कोर्ट ने डीएसएस समेत 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर डिप्टी स्टेशन मैनेजर (डीएसएस) नरेंद्र सिंह चाहर और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों के बीच का विवाद अब न्यायालय तक पहुंच गया है। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट शिव कुमार की अदालत ने डीएसएस चाहर और दस अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश जीआरपी कैंट थाने को दिया गया है, जो मामले की विवेचना करेगा।
यह घटना 12 जुलाई को हीराकुंड एक्सप्रेस के प्लेटफार्म संख्या एक पर रुकने के दौरान हुई थी। डीएसएस चाहर ने आरोप लगाया था कि आरपीएफ जवान एक युवक-युवती से वसूली कर रहे थे, जिन्हें उन्होंने चलती ट्रेन में चढ़ते देखा था। इसके बाद उन्होंने ट्रेन रुकवाई थी। वहीं, आरपीएफ ने डीएसएस पर सरकारी कार्य में बाधा डालने और गाली-गलौज का आरोप लगाया था।
आरपीएफ के एएसआई मेघराज मीणा की ओर से कोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर किया गया था। वादी ने बताया कि ट्रेन रुकने पर जब युवक-युवती को पकड़ा गया, तो डीएसएस चाहर ने हस्तक्षेप कर उन्हें छोड़ने का दबाव बनाया। मना करने पर अभद्र भाषा का प्रयोग और हाथापाई का आरोप लगाया गया।
इस मामले में एससी/एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत भी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें सरकारी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी पर हमला, लोक सेवक के कार्य में बाधा डालना और जानबूझकर अपमानित करना शामिल है। कोर्ट के इस आदेश से रेलवे स्टेशन पर कार्यरत कर्मचारियों के बीच अनुशासन और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश पड़ता है।
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