KGMU के पीछे 350 झोपड़ियों पर कार्रवाई, आग के खतरे को लेकर बनी जांच कमेटी
केजीएमयू के पीछे बनी करीब 350 झोपड़ियों पर अब नगर निगम प्रशासन कार्रवाई करने की तैयारी में है। इन झोपड़ियों से सुरक्षा और आग लगने के खतरे को देखते हुए एक संयुक्त जांच कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी 19 जून को मौके का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
नगर आयुक्त गौरव कुमार ने अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) और नगर निगम के अधिकारियों की एक संयुक्त समिति बनाई है। इस समिति में एलडीए के नामित अधिकारी, नगर निगम के जोनल अधिकारी और प्रभारी अधिकारी संपत्ति को शामिल किया गया है। समिति को स्थल का निरीक्षण कर भूमि की स्थिति, स्वामित्व और अतिक्रमण संबंधी तथ्यों की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है।
केजीएमयू प्रशासन ने नगर निगम को पत्र भेजकर बताया था कि विश्वविद्यालय के सीवीटीसी छात्रावास की बाउंड्रीवाल के किनारे बड़ी संख्या में लोग झोपड़ियां बनाकर रह रहे हैं। इन झोपड़ियों की संख्या लगभग 350 है। संस्थान ने चिंता जताई थी कि यहां किसी भी समय आग लगने, दुर्घटना होने या चोरी जैसी घटनाओं का खतरा बना रहता है, जिससे छात्रावास और अस्पताल परिसर की सुरक्षा को लेकर चिंता है।
नगर निगम के आदेश के अनुसार, संयुक्त टीम केजीएमयू प्रशासन और निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर जांच करेगी। स्थल निरीक्षण के बाद एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर झोपड़ियों को हटाने और भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने संबंधी निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि छात्रावास और अस्पताल परिसर की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
