बांस की हिस्सेदारी के लिए चाचा की हत्या: दो भतीजे दोषी करार, 27 को सजा
रांची की एक अपर न्यायायुक्त की अदालत ने बांस की हिस्सेदारी को लेकर हुई जघन्य हत्या के मामले में दो सगे भतीजों को दोषी पाया है। अपर न्यायायुक्त आनंद प्रकाश की अदालत ने चंद्रशेखर महतो और लखीराम महतो को अपने चाचा सहदेव महतो की गला रेतकर हत्या करने का दोषी ठहराया है। इस मामले में सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 27 नवंबर की तिथि निर्धारित की गई है। अदालत ने मामले में तीन अन्य आरोपितों, कलेश्वर महतो, सविता देवी और विराजो देवी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।
यह घटना आठ जून 2020 को बुढ़मू थाना क्षेत्र में हुई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक सहदेव महतो अपने हिस्से के खेत से बांस काटकर अपने घर लाए थे। इसी बात को लेकर उनके भतीजे चंद्रशेखर महतो और लखीराम महतो, अपनी पत्नियों के साथ सहदेव के घर पहुंचे और बांस ले जाने को लेकर विवाद करने लगे। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपितों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। जब सहदेव के बेटे ने उन्हें गाली देने से मना किया तो आरोपितों ने उस पर टांगी से हमला कर दिया, जिससे वह बेहोश होकर गिर पड़ा।
अपने बेटे पर हमला होते देख सहदेव महतो ने भागने का प्रयास किया, लेकिन आरोपितों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और टांगी से उसका गला रेत दिया। इस क्रूर हमले में सहदेव महतो की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद सिल्ली थाना में इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपितों को गिरफ्तार किया। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने मंगलवार को दो भतीजों को दोषी करार दिया है, जो इस जघन्य अपराध की गंभीरता को दर्शाता है।
