बिहार सरकार की वेबसाइट पर नौ महीने तक रहा हिटलर-मुसोलिनी का महिमामंडन
बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग की वेबसाइट पर एक चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई है, जहाँ नौ महीने तक नाज़ी जर्मनी के तानाशाह एडॉल्फ हिटलर और इटली के फासीवादी नेता बेनिटो मुसोलिनी की प्रशंसा करने वाला पोस्ट प्रदर्शित होता रहा। यह मामला तब प्रकाश में आया जब सोशल मीडिया पर विजिटर्स ने इस पर प्रतिक्रियाएं देना शुरू किया और यह पोस्ट वायरल हो गया।
सूत्रों के अनुसार, यह विवादास्पद पोस्ट फरवरी में विभाग के आधिकारिक एक्स हैंडल (पूर्व में ट्विटर) के हैक होने के दौरान किया गया था। हैकर्स ने अकाउंट का नाम और हैंडल कई बार बदला था और इसी दौरान उन्होंने हिटलर व मुसोलिनी की तारीफ करते हुए एक पोस्ट लिखा था। पोस्ट में लिखा था, “20वीं सदी के दो सबसे असरदार नेता एक-दूसरे के साथ खड़े हैं, उनकी सोच एकदम सही थी।” यह पोस्ट करीब नौ महीने तक वेबसाइट पर यथावत बना रहा, जिस पर लोगों ने तरह-तरह की टिप्पणियां कीं और मीम्स भी बनाए।
इस प्रकरण ने बिहार की कार्य-संस्कृति और सरकारी वेबसाइटों के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि नौ महीने तक विभाग को इस गंभीर गलती का एहसास तक नहीं हुआ, यह सरकारी तंत्र की शिथिलता को दर्शाता है। हालाँकि, सोमवार को जब मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया और व्यापक आलोचना हुई, तब जाकर उस पोस्ट को हटाया गया और हैंडल को पहले की तरह दुरुस्त किया गया।
यह घटना सरकारी वेबसाइटों और सोशल मीडिया हैंडल के प्रबंधन में लापरवाही का एक उदाहरण है। अक्सर यह देखा जाता है कि कई सरकारी वेबसाइटों को समय पर अपडेट नहीं किया जाता, जिससे पुरानी और गलत सूचनाएं प्रदर्शित होती रहती हैं। इस मामले में, हैकिंग के बाद की गई एक पोस्ट को नौ महीने तक अनजाने में बने रहने देना, लापरवाही की पराकाष्ठा है। इससे न केवल सरकार की छवि धूमिल होती है, बल्कि आम नागरिकों में भी भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
