बिहार में शिक्षक स्थानांतरण: प्रखंड और विद्यालय आवंटन प्रक्रिया शुरू, ऑनलाइन भरे जाएंगे विकल्प
बिहार में शिक्षकों के अंतर जिला स्थानांतरण प्रक्रिया के तहत जिला आवंटित होने के बाद, अब शिक्षा विभाग ने प्रखंड और विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस प्रक्रिया के तहत कुल 27,171 शिक्षकों को जिला आवंटित किया गया है, जिन्हें अब ऑनलाइन माध्यम से अपने प्रखंडों के विकल्प भरने होंगे। विभाग ने इस संबंध में विस्तृत मार्गदर्शिका जारी की है, जिसका पालन राज्य के सभी जिलों में किया जाएगा।nnप्राप्त जानकारी के अनुसार, पहले चरण में 41,684 आवेदनों में से 24,732 शिक्षकों को जिला आवंटित किया गया था। इसके बाद, जिन शिक्षकों को उनकी पसंद के अनुसार रिक्ति उपलब्ध न होने के कारण जिला आवंटित नहीं हो सका था, उनसे दोबारा विकल्प मांगे गए। इस दूसरे चरण में 2,439 शिक्षकों को जिला आवंटित किया गया, जिससे कुल 27,171 शिक्षकों को अंतर जिला स्थानांतरण के तहत जिला आवंटित हो गया है।nnअब इन सभी 27,171 शिक्षकों से आवंटित जिलों के भीतर पांच प्रखंडों का ऑनलाइन विकल्प ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से 24 नवंबर से 5 दिसंबर 2025 तक लिया जाएगा। मधुबनी सहित सभी जिला प्रशासन को इस प्रक्रिया की तैयारी के लिए निर्देशित कर दिया गया है।nnप्रखंड आवंटन की प्रक्रिया जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित स्थापना समिति द्वारा सॉफ्टवेयर के माध्यम से की जाएगी। यह समिति 10 दिसंबर से 15 दिसंबर 2025 तक प्रखंडवार, कक्षावार और विषयवार रिक्तियों के आधार पर आवंटन करेगी। यह महत्वपूर्ण है कि जो शिक्षक पांच प्रखंडों का विकल्प नहीं भरेंगे, उनका जिला आवंटन स्वतः निरस्त कर दिया जाएगा और वे अपने वर्तमान पदस्थापन स्थल पर ही बने रहेंगे।nnप्रखंड आवंटन के उपरांत, 16 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। विद्यालय आवंटन में प्राथमिकता के क्रम का विशेष ध्यान रखा जाएगा। सबसे पहले नियमित शिक्षकों, फिर विशिष्ट शिक्षकों और उसके बाद विद्यालय अध्यापक (टीआरई-1 एवं टीआरई-2) को वरीयता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, दिव्यांग महिला, दिव्यांग पुरुष, सामान्य महिला और सामान्य पुरुष शिक्षकों को उनकी उम्र के आधार पर प्राथमिकता दी जाएगी।nnविद्यालय आवंटन के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जिन विद्यालयों में विषयवार पूर्ण रिक्ति है, वहां पहले शिक्षक भेजे जाएं। किसी विषय के लिए तब तक दूसरे शिक्षक का आवंटन नहीं किया जाएगा, जब तक कि सभी विद्यालयों में उस विषय के न्यूनतम एक शिक्षक उपलब्ध न हों। विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात को भी ध्यान में रखा जाएगा ताकि जहां अधिक आवश्यकता हो, वहां पहले पदस्थापन हो सके।nnशिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और सॉफ्टवेयर-आधारित तरीके से संपन्न कराया जाए। उन्होंने मार्गदर्शिका का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। विद्यालय आवंटन के बाद, जारी आदेश में दी गई तिथि तक शिक्षकों को अपने आवंटित विद्यालय में योगदान करना अनिवार्य होगा।”
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