वेतन न मिलने पर मधुबनी के सफाई कर्मी हड़ताल पर, निगम को चेतावनी
मधुबनी नगर निगम के आउटसोर्सिंग सफाई कर्मियों ने अक्टूबर माह का वेतन नहीं मिलने पर आंदोलन की राह पकड़ने की चेतावनी दी है। स्थानीय टाउन क्लब मैदान में आयोजित आउटसोर्सिंग कर्मचारी संघ, नगर निगम इकाई की एक बैठक में यह निर्णय लिया गया। संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र ही बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो उन्हें कार्य रोकने पर मजबूर होना पड़ेगा।
संघ के महामंत्री बबलू राम ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में इन 400 सफाई कर्मियों ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी, बावजूद इसके अक्टूबर माह का वेतन अब तक लंबित है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सोमवार को नगर आयुक्त और मेयर को अवगत कराया जाएगा।
संघ के अध्यक्ष पप्पू राम ने इस मामले पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि वेतन न मिलने के कारण कर्मियों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े खरीदने में भी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि कड़ाके की ठंड के बावजूद सफाई कर्मियों को अहले सुबह काम करने के लिए आवश्यक गर्म कपड़े, जूते, हैंड ग्लव्स और अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त, सफाई कर्मियों को अब तक पहचान पत्र भी नहीं दिया गया है।
अध्यक्ष ने नगर आयुक्त से सफाई कर्मियों के ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) और एएसआई (कर्मचारी राज्य बीमा) की राशि के भुगतान में किसी भी तरह की अनियमितता की गहन जांच कराने की मांग की। उन्होंने आशंका जताई कि पूर्व में भी एक आउटसोर्सिंग एजेंसी द्वारा ईपीएफ और एएसआई राशि के भुगतान में फर्जीवाड़ा करने का प्रयास किया गया था।
यह उल्लेखनीय है कि निगम क्षेत्र में सफाई का कार्य एक अगस्त से नगर निगम द्वारा विभागीय स्तर पर कराया जा रहा है। पूर्व की सफाई एजेंसी मेसर्स इन्वायरन सोल्यूशन का अनुबंध जुलाई में समाप्त होने के बाद, नई एजेंसी के चयन की प्रक्रिया पूरी होने तक यह व्यवस्था की गई थी। हालांकि, सितंबर माह से सफाई कार्य में फिर से बाधाएं आने लगी थीं, जिसके चलते नई एजेंसी के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। माना जा रहा है कि अब जल्द ही नई एजेंसी के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया फिर से शुरू की जाएगी।
