ग्रेटर नोएडा में मतदाता सूची में लापरवाही: 60 बीएलओ और 7 सुपरवाइजर पर FIR
ग्रेटर नोएडा में मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए चलाए जा रहे विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम में लापरवाही बरतने वाले मतदान केंद्र अधिकारियों (बीएलओ) और सुपरवाइजर पर गाज गिरी है। भारत निर्वाचन आयोग के कड़े निर्देशों के बाद, ग्रेटर नोएडा में शनिवार को 60 बीएलओ और सात सुपरवाइजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई निर्वाचन कार्य में शिथिलता और उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के आरोप में की गई है।
सूत्रों के अनुसार, जिला निर्वाचन अधिकारी मेधा रूपम ने हाल ही में सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेटों के साथ एक समीक्षा बैठक की थी। इस बैठक में उन्होंने पुनरीक्षण कार्यों को पूरी गंभीरता और प्रभावी ढंग से संपन्न करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने मतदाता सूची को नवीनतम जानकारी के साथ अद्यतन करने पर विशेष जोर दिया था, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न छूटे और सूची में त्रुटियां न रहें।
इस निर्देश के अनुपालन में, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों ने विधानसभा क्षेत्र 62-दादरी में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम में लापरवाही, उदासीनता और उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने वाले 32 बीएलओ और एक सुपरवाइजर के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 के तहत ईकोटेक ग्रेटर नोएडा थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
इसी प्रकार, विधानसभा क्षेत्र 61-नोएडा के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने भी विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के कार्य में लापरवाही और उदासीनता बरतने वाले 11 बीएलओ व छह सुपरवाइजर के खिलाफ दादरी कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। इसके अतिरिक्त, 63-विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत भी लापरवाही बरतने वाले 17 बीएलओ के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
यह कार्रवाई निर्वाचन प्रक्रिया की निष्ठा और सटीकता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन संबंधी कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मतदाताओं के नाम सही ढंग से दर्ज हों और सूची अद्यतन रहे, यह सुनिश्चित करना सभी संबंधित अधिकारियों का कर्तव्य है।
