0

अनशनकारी को जबरन उठाए जाने पर स्याल्दे में भड़का जन आक्रोश

By Nov 22, 2025

स्याल्दे में जनमुद्दों, विशेषकर स्वास्थ्य और शिक्षा की बदहाली के खिलाफ चल रहे आंदोलन ने उस वक्त तूल पकड़ लिया, जब पुलिस प्रशासन ने एक अनशनकारी को जबरन उठाकर अस्पताल पहुंचा दिया। चौकोट संघर्ष समिति के नेतृत्व में हो रहे इस प्रदर्शन में शामिल लोगों का आरोप है कि सरकार उनकी जायज मांगों की अनदेखी कर रही है।

आंदोलन के दौरान पहले भी आमरण अनशन पर बैठे ललित बिष्ट को स्वास्थ्य बिगड़ने पर प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया था। हालांकि, शनिवार की शाम जब राकेश बिष्ट की तबीयत में गिरावट आई, तो पुलिस और प्रशासन की टीम ने भारी विरोध के बावजूद उन्हें जबरन उठाकर चिकित्सालय पहुंचा दिया। इस कार्रवाई ने वहां मौजूद आंदोलनकारियों में आक्रोश की लहर दौड़ा दी।

आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने वालों के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जनमुद्दों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, यह आंदोलन स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और क्षेत्र में गोवंश की उपेक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर केंद्रित था। आंदोलनकारियों का मानना है कि इन समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द होना चाहिए, लेकिन प्रशासन और सरकार उनकी मांगों को अनसुना कर रही है। जबरन उठाए जाने की घटना ने इस मामले को और संवेदनशील बना दिया है, जिससे स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी साफ तौर पर देखी जा रही है।

About

Journalist covering latest updates.

अगली खबरें

उत्तराखंड की मोहान रेंज में जंगल सफारी शुरू, पर्यटकों की भीड़ उमड़ी

उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले की मोहान रेंज, जो अपनी समृद्ध वन संपदा और जैव विविधता के लिए जानी जाती है, में लंबे इंतजार के बाद जंगल सफारी सीजन का शुभारंभ हो गया है। शनिवार को...
By Nov 22, 2025

साझा करें