वाराणसी में कफ सिरप माफिया के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल
प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में नशीली कफ सिरप के अवैध कारोबार के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।
पुलिस कमिश्नरेट के एसीपी कैंट को सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि वाराणसी जैसे उच्च सुरक्षा वाले शहर में नशीली कफ सिरप का अवैध कारोबार फल-फूल रहा है, जो शासन-प्रशासन की विफलता को दर्शाता है। राघवेंद्र चौबे ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के अपने क्षेत्र में नशे का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, जबकि डबल इंजन की सरकार चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि जिस शहर में मुख्यमंत्री अक्सर दौरा करते हैं, वहां कानून-व्यवस्था की यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।
कांग्रेस का आरोप है कि कफ सिरप माफिया पर कार्रवाई न होना यह दर्शाता है कि इसके पीछे मजबूत राजनीतिक संरक्षण है। पार्टी का कहना है कि काशी की पवित्र छवि को इस तरह के अवैध कारोबार से धूमिल किया जा रहा है, जिसे कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी।
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो कांग्रेसी सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। चौबे ने भाजपा के कुछ नेताओं पर इस पूरे नेटवर्क को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने होने के बावजूद मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है और न ही उनकी अवैध संपत्तियों की कुर्की की गई है।
कांग्रेस की प्रमुख मांगों में मुख्य आरोपी और उनके संरक्षकों की तत्काल गिरफ्तारी, अवैध संपत्तियों की कुर्की, भाजपा नेताओं से जुड़े नामों की निष्पक्ष जांच, कफ सिरप माफिया के गोदामों और सप्लाई चेन पर विशेष पुलिस टीम द्वारा छापेमारी, इस मामले को राज्यव्यापी स्वास्थ्य खतरा मानते हुए किसी बड़ी जांच एजेंसी को सौंपना, पारदर्शिता के लिए सार्वजनिक रिपोर्ट जारी करना और काशी को नशे के जाल से बचाने के लिए नारकोटिक्स यूनिट को सक्रिय करना शामिल है।
इस प्रतिनिधिमंडल में राघवेंद्र चौबे के साथ फ़साहत हुसैन बाबू, अशोक सिंह, लोकेश सिंह, अब्दुल हामिद डोड़े, आनंद कुमार सिंह, जियाउल अख्तर, किशन यादव, शहनवाज उस्मानी और रोहित दुबे जैसे कई वरिष्ठ नेता शामिल थे। यह कांग्रेस की पहल न केवल वाराणसी में नशीली कफ सिरप के अवैध व्यापार के खिलाफ एक आवाज है, बल्कि यह शासन-प्रशासन की निष्क्रियता को भी उजागर करती है और जनता की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग करती है।
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