बदायूं दुष्कर्म मामला: घर में घुसकर युवती से रेप करने वाले को 10 साल की सजा
बदायूं के दातागंज कोतवाली क्षेत्र में एक अदालत ने वर्ष 2021 के दुष्कर्म मामले में आरोपी जाने अली उर्फ जाने आलम को दोषी करार देते हुए 10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उस पर 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ सकती है।
मामला दातागंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है, जहां वर्ष 2021 में एक व्यक्ति ने अपनी 18 वर्षीय बहन के साथ दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सूत्रों के अनुसार, उस रात पीड़िता घर में अकेली थी और पशुओं को चारा डाल रही थी। इसी का फायदा उठाकर गांव के ही रहने वाले जाने अली उर्फ जाने आलम ने घर में घुसकर युवती के साथ जबरन दुष्कर्म किया। जब पीड़िता ने शोर मचाया तो आरोपी मौके से फरार हो गया था।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामला दर्ज किया और गहन विवेचना के बाद आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। प्रारंभिक जांच में पीड़िता के अनुसूचित जाति से होने के कारण आरोपी पर एससी-एसटी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया था।
हालांकि, न्यायालय में सुनवाई के दौरान पीड़िता की ओर से अपना जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया जा सका, जिससे उसकी जाति की पुष्टि नहीं हो पाई। इस आधार पर, न्यायालय ने आरोपी जाने अली उर्फ जाने आलम को घर में घुसकर दुष्कर्म करने के आरोप में 10 साल की सजा सुनाई, लेकिन एससी/एसटी एक्ट की धाराओं से उसे दोषमुक्त कर दिया। फैसले ने समाज में महिलाओं की सुरक्षा और न्याय प्रक्रिया की जटिलताओं पर फिर से प्रकाश डाला है।
