सफाई व्यवस्था पर सीएम रेखा गुप्ता का सख्त रवैया, लापरवाह अधिकारियों पर गिरी गाज
दिल्ली की सफाई व्यवस्था की बदहाली पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कड़ा रुख अपनाया है। राजधानी के मध्य, दक्षिणी और पश्चिमी इलाकों में विशेष तौर पर सफाई की लचर व्यवस्था, अपर्याप्त वाहन और खराब मशीनरी पर मुख्यमंत्री ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी है कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री ने निगम अधिकारियों और महापौर के साथ एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि दिल्ली की सफाई व्यवस्था को आधुनिक और कुशल बनाने के लिए किसी भी मशीनरी की कमी नहीं रहनी चाहिए। निगम को इस मद में जितने बजट की आवश्यकता होगी, सरकार उसे तत्काल उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राजधानी को स्वच्छ रखने के मामले में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने नगर निगम को निर्देश दिया है कि जिन इलाकों में सफाई संबंधी मशीनरी की कमी है, उसे अगले 15 दिनों के भीतर पूरा कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। इसके साथ ही, उन्होंने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण प्रणाली को और मजबूत करने, इसके व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर देने तथा नागरिकों को स्रोत पर ही गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि जो कॉलोनियां कचरा प्रबंधन में 100 प्रतिशत दक्षता हासिल करेंगी, उन्हें दिल्ली सरकार की ओर से पुरस्कृत किया जाएगा। यह पहल स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की गई है।
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एमसीडी को दिल्ली के 12 जोन में 12 ऐसे स्थानों की पहचान करने का निर्देश दिया है जहाँ बायोगैस प्लांट स्थापित किए जा सकते हैं। उन्होंने पार्कों में सफाई और छंटाई से उत्पन्न होने वाले कचरे के प्रबंधन के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में ग्रीन श्रेडर लगाने की भी आवश्यकता बताई है। इस बहुआयामी दृष्टिकोण से दिल्ली की सफाई व्यवस्था में सुधार लाने की उम्मीद है।
