सरकारी नौकरी के नाम पर 52 लाख ठगने वाला शिक्षक देहरादून से गिरफ्तार
चंपावत से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शिक्षक को पुलिस ने देहरादून से गिरफ्तार किया है। लोहाघाट निवासी शिक्षक बलवंत सिंह रौतेला पर एक महिला सहित दो लोगों से कुल 52 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। इस मामले में न्यायालय द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट के बाद पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की है।nnसूत्रों के अनुसार, शिक्षक बलवंत रौतेला पर पिछले दो महीनों में लोहाघाट और चंपावत थानों में दो प्राथमिकी दर्ज हुई थीं। पहली प्राथमिकी लोहाघाट निवासी मोहित पांडेय ने दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि बलवंत रौतेला, विनय भट्ट निवासी देहरादून और कवींद्र उर्फ मायाराम सोनी निवासी अज्ञात ने सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे 31 लाख रुपये की ठगी की। हालांकि, बाद में यह संज्ञान में आया कि आरोपित शिक्षक ने पीड़ित को 31 लाख रुपये लौटा दिए थे।nnदूसरे मामले में, चंपावत नगर की तल्ली मादली निवासी 35 वर्षीय सरोजनी ने 31 अक्टूबर को कोतवाली में तहरीर देकर 22 लाख रुपये ठगे जाने की शिकायत की थी। पीड़िता के अनुसार, आरोपित शिक्षक बलवंत रौतेला ने नवंबर 2023 में उसके पति से संपर्क किया और 25 लाख रुपये के बदले सरकारी नौकरी दिलाने का प्रस्ताव दिया। पीड़िता ने 22 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। शिक्षक ने उसे देहरादून ले जाकर विनय भट्ट से मिलवाया, और फिर दोनों ने मिलकर उसे सचिवालय ले जाकर कवींद्र सिंह नामक व्यक्ति से मिलवाया।nnखुद को सचिव बताने वाले कवींद्र ने पीड़िता को सात मार्च 2024 को समाज कल्याण विभाग में प्रबंधक पद पर कार्यभार ग्रहण करने के लिए एक फर्जी नियुक्ति पत्र दिया। इसके बाद, समय-समय पर एक के बाद एक चार और फर्जी नियुक्ति पत्र दिए गए। दोनों ही मामलों में, पुलिस ने तीनों आरोपितों के विरुद्ध झूठे दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।nnवरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसपी) अजय गणपति ने बताया कि आरोपित शिक्षक बलवंत रौतेला को पुलिस टीम ने देहरादून से गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने यह भी बताया कि मामले में दो अन्य आरोपितों, विनय भट्ट और कवींद्र उर्फ मायाराम सोनी, की तलाश जारी है। पुलिस इन दोनों को पकड़ने के लिए सक्रिय रूप से अभियान चला रही है।nnइस गिरफ्तारी के बाद, आरोपित शिक्षक बलवंत रौतेला पर निलंबन की तलवार भी लटक गई है। इस संबंध में मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि आरोपित शिक्षक की गिरफ्तारी की विधिवत सूचना अभी विभाग को प्राप्त नहीं हुई है। नियमानुसार, यदि कोई शिक्षक या कार्मिक 48 घंटे से अधिक समय तक जेल में रहता है, तो उसे निलंबित किए जाने का प्रावधान है। विभाग गिरफ्तारी की पुष्टि होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई करेगा।”
आगे की कार्रवाई करेगा।”
।”
कार्रवाई करेगा।”
वाई करेगा।
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