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ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की कमान अब एडीओ पंचायत के हाथों, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

By Nov 21, 2025

उन्नाव जिले की 1037 ग्राम पंचायतों में अब एडीओ पंचायत विकास कार्यों की पड़ताल करेंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के तहत जारी किए गए धन का सदुपयोग हो रहा है या नहीं और धरातल पर विकास की गुणवत्ता कैसी है। कई ग्राम पंचायतों से विकास कार्यों में अनियमितता और खानापूरी की शिकायतें मिलने के बाद, जिला पंचायतीराज अधिकारी ने इस दिशा में एक ठोस कदम उठाया है।

जिला पंचायतीराज अधिकारी के अनुसार, प्रत्येक सहायक विकास अधिकारी (एडीओ) पंचायत को सप्ताह में कम से कम दो गांवों का निरीक्षण करना होगा। जिले में कुल 16 विकास खंड हैं और 16 एडीओ पंचायत मिलकर महीने भर में लगभग 128 ग्राम पंचायतों का निरीक्षण करेंगे। यह सघन निरीक्षण तब तक जारी रहेगा जब तक कि सभी 1037 ग्राम पंचायतों में विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत सामने नहीं आ जाती।

जानकारी के अनुसार, जिले को ओडीएफ प्लस का दर्जा दिलाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर शौचालय, सामुदायिक शौचालय, एसएलडब्ल्यूएम (ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन) के तहत सोख पिट, कंपोस्ट पिट, नालियों का निर्माण और आरआरसी (रेडिएशन रेडार कंट्रोल) सेंटर जैसे कार्यों पर अरबों रुपये खर्च किए गए हैं। इसके बावजूद, कई ग्राम पंचायतों में साफ-सफाई की कमी और विकास कार्यों का अपेक्षित प्रभाव न दिखने की शिकायतें आम हैं। कुछ मामलों में, प्रधान और सचिव की मिलीभगत से बजट को इधर-उधर करने और कार्यों में खानापूरी करने के आरोप भी लगे हैं।

अब, जिला पंचायतीराज अधिकारी द्वारा तय की गई नई व्यवस्था के तहत, प्रत्येक ब्लॉक के एडीओ पंचायत अपने विकास खंड की सभी ग्राम पंचायतों का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के बाद, वे अपनी रिपोर्ट जिला पंचायतीराज अधिकारी को सौंपेंगे। सचिवों से स्पष्टीकरण मांगने के बाद, यदि जांच में हीलाहवाली या अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित सचिवों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई में निलंबन जैसे कदम भी प्राथमिकता पर रखे जाएंगे। इस कदम से ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होने की उम्मीद है।

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