राजस्थान में फर्जी निवेश नेटवर्क का भंडाफोड़, 3 लाख लोगों से 3500 करोड़ की ठगी
राजस्थान के भरतपुर में पुलिस ने एक बहुचर्चित फर्जी निवेश नेटवर्क का पर्दाफाश कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह पर देशभर के तीन लाख से अधिक लोगों को ठगी का शिकार बनाने का आरोप है, जिसमें उन्होंने निवेश के नाम पर करीब 3500 करोड़ रुपये की हेराफेरी की। पुलिस ने आरोपियों के पास से 40 लाख रुपये नकद, इतनी ही मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी, सोने के जेवरात और पांच वाहन भी जब्त किए हैं।
सूत्रों के अनुसार, भरतपुर के मथुरागेट पुलिस थाने में 12 नवंबर को एक मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि एक फर्जी निवेश वेबसाइट और मोबाइल एप्लिकेशन क्रिप्टोकरेंसी व विदेशी बाजारों में भारी मुनाफा, बोनस और अन्य प्रलोभन देकर लोगों से निवेश करवा रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि इस ठगी के पीछे एक कंपनी का हाथ था, जो भारत में किसी भी सक्षम प्राधिकरण जैसे सेबी, आरबीआई या एमसीए से पंजीकृत नहीं थी।
जांच एजेंसियों का मानना है कि इस कंपनी का वास्तविक संचालन साल 2022 से जयपुर से शुरू हुआ था। गिरोह के मुख्य सरगना संदीप सिंगर और रजत शर्मा थे, जिन्होंने बाद में तीन अन्य लोगों को अपने साथ मिला लिया था। कंपनी अपनी वेबसाइट पर 47 लाख उपयोगकर्ता और 4.3 बिलियन डॉलर फंड प्रबंधन का झूठा दावा कर रही थी, जबकि जांच में करीब साढ़े चार लाख उपयोगकर्ता होने की बात सामने आई। इसमें जमा की गई वास्तविक राशि 3100 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
यह गिरोह एक अन्य वेबसाइट का भी संचालन कर रहा था, जिसके माध्यम से लगभग 500 करोड़ रुपये की ठगी की गई। पुलिस ने गुरुवार को इन पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके ठगी के तरीकों की जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई अनियमित जमा प्रतिबंध अधिनियम, 2019 और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत की गई है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये आरोपी किस तरह से भोले-भाले लोगों को निवेश के नाम पर अपने जाल में फंसाते थे और इस पैसे का इस्तेमाल कहां कर रहे थे।
