सुष्मिता सेन को विश्वास था कि ऐश्वर्या राय जीतेंगी, हार का कारण बना अंग्रेजी का कमजोर ज्ञान
मिस इंडिया 1994 प्रतियोगिता भारतीय सौंदर्य प्रतियोगिता के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना थी, जिसने भारत को दो वैश्विक सौंदर्य क्वीन्स दीं: सुष्मिता सेन (मिस यूनिवर्स) और ऐश्वर्या राय (मिस वर्ल्ड)। दोनों ने बाद में भारतीय सिनेमा में एक खास मुकाम हासिल किया।
लेकिन फिल्मकार प्रह्लाद कक्कड़ ने हाल ही में एक चौंकाने वाला खुलासा किया कि सुष्मिता सेन को मिस इंडिया प्रतियोगिता जीतने से पहले ही अपनी हार का डर सता रहा था। उन्होंने बताया कि सुष्मिता सेन को ऐसा लगता था कि यह प्रतियोगिता ऐश्वर्या राय के पक्ष में तय की गई है। ऐश्वर्या उस समय एक शीर्ष मॉडल और ‘लक्मे गर्ल’ थीं, जबकि सुष्मिता एक नई प्रतियोगी थीं, जिसके कारण उन्हें लगा कि निर्णायक पक्षपाती होंगे।
प्रह्लाद कक्कड़ ने उस समय का एक किस्सा याद करते हुए बताया कि उन्होंने सुष्मिता सेन को बैकस्टेज में रोते हुए पाया था। जब उन्होंने उनसे पूछा कि क्या हुआ, तो सुष्मिता ने कहा, “यह सब तय है। मैं कभी नहीं जीत पाऊंगी।” कक्कड़ ने उन्हें दिलासा दिया और कहा कि प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल को प्रभावित नहीं किया जा सकता और उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए कहा। सुष्मिता ने बाद में इस प्रोत्साहन के लिए कक्कड़ को धन्यवाद दिया।
ऐश्वर्या राय की हार का कारण: “उस समय उनकी अंग्रेजी मजबूत नहीं थी”
प्रह्लाद कक्कड़ ने इस बात पर ज़ोर दिया कि मीडिया में चल रही अफवाहों के बावजूद, दोनों के बीच कोई प्रतिद्वंद्विता नहीं थी। लेकिन ऐश्वर्या राय अपनी हार से वाकई दुखी थीं। उनके अनुसार, सुष्मिता सेन इसलिए जीतीं क्योंकि वह अधिक आत्मविश्वास से भरी हुई थीं और उन्होंने अंग्रेजी प्रश्नोत्तरी दौर में बेहतर प्रदर्शन किया, क्योंकि वह एक कॉन्वेंट स्कूल से थीं।
ऐश्वर्या राय उस समय अंग्रेजी में बहुत धाराप्रवाह नहीं थीं, जिससे उन्हें नुकसान हुआ। प्रह्लाद ने समझाया कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में अंग्रेजी साक्षात्कार से परहेज किया और तुुलु, कोंकणी या हिंदी में बात करना पसंद किया, जो अहंकार की वजह से नहीं, बल्कि डर और आत्मविश्वास की कमी के कारण था। सूत्रों के अनुसार, यह खुलासा प्रतियोगिता के पीछे के अनछुए पहलुओं पर प्रकाश डालता है और बताता है कि कैसे छोटी-छोटी बातें भी सफलता और विफलता के बीच अंतर पैदा कर सकती हैं।
