आगरा में SGST की बड़ी कार्रवाई: फर्जी फर्मों पर शिकंजा, 33 करोड़ से अधिक का ITC घोटाला
आगरा में राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) विभाग ने फर्जीवाड़े के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 17 फर्मों को काली सूची में डाल दिया है। सूत्रों के अनुसार, इन फर्मों ने फर्जी तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पास करके सरकार को 33.65 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया था।
यह कार्रवाई लखनऊ मुख्यालय के निर्देश पर की गई, जिसके बाद विभाग ने इन फर्मों की जांच की और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। जांच में पता चला कि ये फर्में पंजीकरण के पते पर मौजूद नहीं थीं। चौंकाने वाली बात यह है कि इन फर्मों का पंजीकरण मजदूरों और गरीबों के आधार कार्ड का उपयोग करके कराया गया था।
विभाग ने बताया कि इन फर्मों ने वास्तविक आपूर्ति के बिना ही इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पास की थी। ये सभी फर्में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) में पंजीकृत थीं।
इससे पहले, एसजीएसटी विभाग ने लोहामंडी थाना में एक नवंबर को सात फर्जी फर्मों के खिलाफ 15.38 करोड़ रुपये की आईटीसी पास आन करने पर मुकदमा दर्ज कराया था। इन फर्मों में ओम ट्रेडर्स, श्रीराम ट्रेडर्स, आरएस ट्रेडर्स, बालाजी ट्रेडर्स, आकाश ट्रेडर्स, सिंह ट्रेडर्स और पीके ट्रेडर्स शामिल थीं।
दो दिन पूर्व 10 बोगस फर्मों के विरुद्ध 18.27 करोड़ रुपये की आईटीसी पास आन करने पर मुकदमा दर्ज कराया गया। इनमें हिमांशु इंटरप्राइजेज, जाधव ट्रेडर्स, दिनेश ट्रेडर्स, प्रकाश ट्रेडर्स, संकल्प ट्रेडिंग, सवराज ट्रेडर्स, मूनलाइट ट्रेडर्स, अंश ट्रेडर्स, महेश ट्रेडर्स व एसके संस शामिल थीं।
सूत्रों के अनुसार, इनमें से महेश ट्रेडर्स और एसके संस ने आईटीसी पास आन नहीं की थी, लेकिन पंजीकरण को उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों में यह फर्में मौके पर नहीं पाई गईं। इन सभी फर्मों की आईटीसी ब्लॉक कराते हुए उन्हें काली सूची में डाल दिया गया है।
अपर आयुक्त ग्रेड वन पंकज गांधी ने बताया कि आगरा में पकड़ी गईं 17 फर्में सीजीएसटी में पंजीकृत थीं। उन्होंने कहा कि अभी कुछ और फर्मों की जांच की जा रही है। इस कार्रवाई से सरकार को राजस्व नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त संदेश गया है। विभाग का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
