UP के स्कूलों में फर्जीवाड़ा: U-DISE पोर्टल पर गलत डेटा, 800 से अधिक निजी स्कूल जांच के घेरे में
उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के प्रयासों को उस समय झटका लगा, जब यू-डाइस पोर्टल पर 800 से अधिक निजी स्कूलों द्वारा गलत जानकारी अपलोड करने का मामला सामने आया। सूत्रों के अनुसार, शिक्षा विभाग की जांच में यह फर्जीवाड़ा उजागर हुआ, जिसमें स्कूलों ने छात्रों की संख्या, शिक्षकों का विवरण, सुविधाओं और आय-व्यय सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में गलत आंकड़े प्रस्तुत किए।
आगरा जिले में, यू-डाइस प्लस पोर्टल पर अपलोड किए गए आंकड़ों की मूल दस्तावेजों से जांच की गई, जिसके परिणामस्वरूप करीब 800 से अधिक निजी स्कूलों में भारी गड़बड़झाला पाया गया। इन स्कूलों ने किंडरगार्टन पंजीकरण, छात्रों की संख्या, शिक्षकों का विवरण, क्लासरूम, शौचालय, पेयजल, खेल के मैदान, लाइब्रेरी, कंप्यूटर-इंटरनेट, फायर सेफ्टी, मिड-डे मील और दिव्यांग सुविधाओं से संबंधित जानकारी में हेरफेर किया।
यह डेटा पोर्टल, जो भारत सरकार का एक महत्वपूर्ण शिक्षा डेटाबेस है, हर साल सभी सरकारी और निजी स्कूलों से जानकारी एकत्र करता है। इस डेटा के आधार पर केंद्र सरकार राज्यों को फंड प्रदान करती है, नीतियां बनाती है और योजनाओं का लाभ बच्चों तक पहुंचाती है। गलत डेटा भरने से सरकारी सहायता का दुरुपयोग होने और बच्चों के अधिकारों के हनन का खतरा बढ़ जाता है।
इस मामले में, दयालबाग का दिल्ली पब्लिक स्कूल, मारुति एस्टेट का सिंपकिंस, आरके पुरम गैलाना रोड का जिम कार्बेट पब्लिक स्कूल, एमजी रोड का सेंट पाल्स यूनिट-1 और वजीरपुरा रोड का सेंट पैट्रिक्स स्कूल सहित कई प्रतिष्ठित स्कूलों के नाम शामिल हैं। महानिदेशक स्कूल शिक्षा के सख्त निर्देशों के बावजूद, स्कूलों ने डेटा में सुधार नहीं किया। सूत्रों के अनुसार, बेसिक शिक्षा विभाग ने भी बिना जांच के गलत डेटा को जिला स्तर से प्रमाणित कर शासन को भेज दिया।
इस मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र कुमार गोंड ने बताया कि यू-डाइस पोर्टल पर जिले के आठ सौ से अधिक स्कूलों का डेटा गलत है, जिसे सही कराने के लिए स्कूलों को अंतिम नोटिस भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि शासनादेश का पालन न करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शासन ने भी गलत डेटा फीड करने वाले स्कूलों के प्रधानाचार्यों और स्कूल संचालकों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जिम कार्बेट स्कूल के संचालक आरके सिंह राघव ने कहा कि उन्होंने डेटा में सुधार कर लिया है, जबकि सेंट पाल्स यूनिट-1 के प्रिंसिपल आशीष पाल हाबिल ने कहा कि उन्हें अभी जानकारी नहीं है, लेकिन वे जल्द ही सुधार करा लेंगे।
इस घटनाक्रम ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। सरकार इस मामले में सख्त कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पोर्टल को सुरक्षित बनाने पर काम कर रही है।
