डॉ. ऋषि राज: 7 महाद्वीपों की यात्रा कर बनाया रिकॉर्ड, भारत का गौरव बढ़ाया
डॉ. ऋषि राज, एक भारतीय डॉक्टर और साहसी यात्री, ने दुनिया के सातों महाद्वीपों की यात्रा करके एक अद्वितीय रिकॉर्ड बनाया है। सूत्रों के अनुसार, डॉ. राज ने 16 नवंबर 2025 को अंटार्कटिका में कदम रखा, जो उनकी ऐतिहासिक यात्रा का अंतिम पड़ाव था। उन्होंने भारतीय तिरंगा लेकर ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना का प्रदर्शन किया।
डॉ. ऋषि राज की यात्रा 1994 में भारतीय रेलवे में शामिल होने के साथ शुरू हुई थी। शुरुआती वर्षों में उन्होंने भारत के विभिन्न राज्यों की यात्रा की, जिसके बाद 2008 में उन्होंने सभी ज्योतिर्लिंगों और चार धाम की यात्रा की। 2012 में कैलाश मानसरोवर की यात्रा ने उनके वैश्विक यात्रा के सपने को उड़ान दी। पिछले 31 सालों की इस निरंतर यात्रा ने उन्हें आज इस मुकाम तक पहुंचाया।
डॉ. ऋषि राज ने पर्यावरण जागरूकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए ‘हमारी धरती माता को बचाओ’ का संदेश दिया। अंटार्कटिका से उन्होंने कहा, “हिमालय से अंटार्कटिका तक, मैं भारत की भावना को अपने साथ लेकर चला। यह यात्रा केवल यात्रा के बारे में नहीं है, बल्कि एकता, देशभक्ति और हमारे ग्रह के प्रति ज़िम्मेदारी के बारे में है। मैं जहां भी जाता हूं, भारत मेरे साथ चलता है।”
डॉ. राज डीएमआरसी में अपनी पेशेवर भूमिका के अलावा एक लेखक भी हैं। उन्होंने इतिहास और देशभक्ति से संबंधित 28 से अधिक पुस्तकें लिखी हैं और अपने चैनल ‘एक्सप्लोरिंग इंडिया विद ऋषि’ के अंतर्गत देशभक्ति और भारत की सांस्कृतिक विरासत पर 600 से ज़्यादा शॉर्ट फिल्में बनाई हैं।
डॉ. ऋषि राज अब इस उपलब्धि को भारतीय युवाओं को देशभक्ति, सतत यात्रा और जलवायु जागरूकता के प्रति प्रेरित करने के लिए समर्पित करने की योजना बना रहे हैं। वे प्रमुख रिकॉर्ड संस्थाओं के साथ मान्यता के लिए आवेदन करने की तैयारी कर रहे हैं। यह यात्रा न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह भारत के लिए भी गर्व की बात है, जो देश के युवाओं को प्रेरित करेगी।
