बेटे की हत्या: नशेड़ी पिता को आजीवन कारावास, 55 हजार का जुर्माना
फिरोजाबाद की एक अदालत ने मंगलवार को एक सनसनीखेज मामले में नशे के आदी पिता सुनील कुमार को अपने चार वर्षीय बेटे डेबिट की जहर देकर हत्या करने के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 55 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है, जिसे अदा न करने पर उसे 18 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। यह घटना लगभग साढ़े तीन साल पुरानी है, जिसने समाज को झकझोर कर रख दिया था।nnमामला 19 अप्रैल 2022 को तब सामने आया जब बच्चे के नाना लक्ष्मीशंकर ने मक्खनपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी की शादी करीब 11-12 साल पहले सुनील कुमार, जो आगरा का रहने वाला था, से हुई थी। शादी के बाद उनके दो बेटी और दो बेटे ईशू और डेबिट हुए। लक्ष्मीशंकर के अनुसार, दामाद सुनील कुमार नशे का आदी था और आए दिन अपनी पत्नी व बच्चों के साथ मारपीट करता था। वह अक्सर कहता था कि ये बच्चे उसके नहीं हैं और वह उन्हें मार डालेगा। इस कारण बेटी तीन साल तक मायके में बच्चों के साथ रही।nnबाद में, सुनील कुमार ने पत्नी और बच्चों के साथ अच्छा व्यवहार करने का वादा करके उन्हें वापस आगरा ले गया। लेकिन कुछ ही दिनों में उसका व्यवहार फिर से बिगड़ने लगा। इस बार, बेटी के कहने पर लक्ष्मीशंकर दोनों बेटों को अपने साथ ले आए। हालांकि, 18 अप्रैल की रात को सुनील कुमार घर आया और बच्चों के साथ छत पर सो गया। रात करीब तीन बजे जब वह जाने लगा और उसे रोका गया तो वह नहीं माना और चला गया।nnअगली सुबह, 19 अप्रैल को जब सुबह आठ बजे तक डेबिट नहीं उठा तो परिवार वालों ने उसे जगाने की कोशिश की। इसी दौरान पता चला कि डेबिट की मौत हो चुकी है। प्रारंभिक जांच और परिवार वालों के बयानों के आधार पर, सुनील कुमार के खिलाफ डेबिट को जहर देकर मारने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज की गई।nnमामले की विवेचना के बाद पुलिस ने सुनील कुमार के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। अपर सत्र न्यायाधीश संख्या चार, साक्षी शर्मा के न्यायालय में मामले की सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी भूपेंद्र कुमार राठौर ने पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने अदालत में साबित किया कि दोषी के खिलाफ उसकी पत्नी, सास और ससुर ने गवाही दी, जिन्होंने आरोपी के नशे की लत और बच्चों के प्रति उसके क्रूर व्यवहार का खुलासा किया। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को ध्यान में रखते हुए सुनील कुमार को दोषी पाया और यह कठोर सजा सुनाई।”
कठोर सजा सुनाई।
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