खूंखार नक्सली कमांडर मडवी हिडमा ढेर, 26 हमलों का था मास्टरमाइंड
आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले में मंगलवार को सुरक्षा बलों के साथ हुई भीषण मुठभेड़ में माओवादियों के शीर्ष कमांडर मडवी हिडमा (43) को मार गिराया गया। हिडमा, जो 26 से अधिक खूंखार हमलों का मास्टरमाइंड था, सुरक्षा बलों के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना हुआ था। उस पर 50 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
सूत्रों के अनुसार, हिडमा छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के एक आदिवासी परिवार से था और 1981 में पैदा हुआ था। वह पीएलजीए बटालियन नंबर 1 का प्रमुख था, जिसे माओवादियों की सबसे घातक हमलावर टुकड़ी माना जाता है। वह सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सबसे युवा सदस्य भी था और बस्तर क्षेत्र से इस समिति में शामिल होने वाला एकमात्र आदिवासी था।
हिडमा का नाम कई बड़े नक्सली हमलों से जुड़ा था। इनमें 2010 का दंतेवाड़ा हमला शामिल है, जिसमें 76 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे। इसके अलावा, 2013 में हुई झीरम घाटी नरसंहार, जिसमें 27 लोगों की जान गई थी, जिनमें कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल थे, की योजना बनाने में भी उसकी भूमिका बताई जाती है। हाल के वर्षों में, 2021 में सुकमा-बीजापुर मुठभेड़ में 22 सुरक्षाकर्मियों की शहादत में भी उसका हाथ माना जाता था।
इस मुठभेड़ की एक अहम बात यह रही कि हिडमा की दूसरी पत्नी राजे (राजक्का) भी उसके साथ मारी गई। सुरक्षा बलों के लिए यह एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि हिडमा माओवादी कैडर में युवाओं को जोड़ने और हमलों की रणनीति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था। उसकी मौत से माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगने की उम्मीद है। सुरक्षा बल पिछले कई महीनों से हिडमा की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे, और इस ऑपरेशन को उसी निगरानी का परिणाम माना जा रहा है।
