बिहार में दस बार विधायक चुने गए हरिनारायण सिंह, विधानसभा में बना अनोखा रिकॉर्ड
राजनीतिक दिग्गजों के प्रभाव और अनुभव का आकलन अक्सर उनकी संसदीय पारी की लंबाई से किया जाता है। इसी क्रम में, बिहार के हरिनारायण सिंह ने दसवीं बार विधानसभा चुनाव जीतकर एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम किया है, जो उन्हें प्रदेश में अद्वितीय बनाता है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत राजनीतिक कौशल का प्रमाण है, बल्कि बिहार की राजनीति में अनुभवी नेताओं के महत्व को भी रेखांकित करती है।
नालंदा जिले से ताल्लुक रखने वाले हरिनारायण सिंह की यह लगातार चौथी जीत है, जिससे उनका कुल विधायक के रूप में कार्यकाल दस बार हो गया है। यह रिकॉर्ड बिहार में किसी भी अन्य विधायक के नाम दर्ज नहीं है। नालंदा का यह क्षेत्र वैसे भी राजनीतिक हस्तियों का गढ़ रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी इसी क्षेत्र से अपनी विधायी पारी की शुरुआत की, जहाँ वे दो बार विधायक चुने गए और दो बार हार का सामना भी करना पड़ा।
हालांकि, हरिनारायण सिंह के इस रिकॉर्ड के करीब पहुंचने वाले अन्य नेता भी रहे हैं। मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां से नौ बार विधायक चुने गए रमई राम, जो पिछली बार के चुनाव में पराजित हुए थे, एक समय इस रिकॉर्ड के बेहद करीब थे। इसी तरह, कहलगांव के सदानंद सिंह भी नौ बार विधायक चुने गए। वर्तमान में, भाजपा के प्रेम कुमार गया शहरी विधानसभा क्षेत्र से लगातार नौ बार निर्बाध जीत दर्ज करा चुके हैं, जो 1990 से विधायक हैं।
अन्य कई नेता भी लंबी संसदीय पारी खेल चुके हैं। सुपौल से बिजेंद्र यादव ने भी नौ बार विधायक बनने का गौरव हासिल किया है। नालंदा से श्रवण कुमार आठवीं बार विधायक चुने गए हैं, जबकि मधेपुरा जिले की आलमनगर सीट से नरेंद्र नारायण यादव का भी यही रिकॉर्ड है। भोजपुर जिले में बड़हरा से राघवेंद्र प्रताप सिंह भी विधानसभा में अपनी आठवीं पारी खेल रहे हैं। पटना जिले की पटना साहिब सीट से नंदकिशोर यादव लगातार सात बार विधायक रहे, हालांकि इस बार उन्हें पार्टी ने उम्मीदवार नहीं बनाया। विजय कुमार चौधरी और श्याम रजक भी सातवीं बार विधायक चुने गए हैं, हालांकि उनकी जीत-हार में कुछ अंतराल रहा है।
यह रिकॉर्ड बताते हैं कि कैसे कुछ राजनेता लगातार जनसमर्थन हासिल कर अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखते हैं। पार्टियों के समीकरण और वोटों के गणित के इस दौर में भी, मतदाताओं का विश्वास जीतना और लंबी पारी खेलना किसी भी नेता के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
