नालंदा में उत्पाद विभाग की टीम पर फायरिंग, माफियाओं ने मचाया हड़कंप
बिहार के नालंदा जिले में अवैध शराब माफियाओं के हौसले कितने बुलंद हैं, इसका एक और उदाहरण बिंद थाना क्षेत्र से सामने आया है। रविवार को छोटी मिसियाडीह गांव में अवैध शराब बनाए जाने की गुप्त सूचना पर छापेमारी करने गई उत्पाद विभाग की टीम पर बदमाशों ने अचानक गोलियां बरसा दीं। गोलीबारी की इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और अफरातफरी का माहौल बन गया।
टीम के सदस्यों ने किसी तरह अपनी जान बचाई और तुरंत स्थानीय पुलिस को घटना की सूचना दी। इसके बाद, पुलिस, उत्पाद विभाग, खनन विभाग और बिजली विभाग की एक संयुक्त टीम तुरंत गांव में पहुंची और बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया।
छापेमारी के दौरान, अधिकारियों ने गांव के एक सुनसान इलाके से अवैध रूप से बालू से लदा एक ट्रैक्टर जब्त किया। इसके साथ ही, शराब बनाने के कई उपकरण, भट्ठी के जले हुए अवशेष और अन्य संबंधित सामान भी बरामद किए गए। हालांकि, कार्रवाई की भनक लगते ही सभी आरोपी और शराब माफिया, हथियारों से लैस होकर मौके से फरार होने में सफल रहे।
स्थानीय थाना अध्यक्ष ने बताया कि उत्पाद विभाग की टीम को गांव में अवैध शराब बनाने की गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर टीम जब गांव पहुंची, तो पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस बल के मौके पर पहुंचने के बाद, आरोपी पुलिस की कम संख्या का फायदा उठाकर भागने में कामयाब हो गए। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि संयुक्त टीम ने गांव में छापेमारी की, जहाँ से अवैध शराब और बालू के अवैध कारोबार के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। टीम ने न केवल बालू लदा ट्रैक्टर जब्त किया है, बल्कि शराब बनाने वाले उपकरण भी बरामद किए हैं। इसके अतिरिक्त, बिजली विभाग की टीम ने चोरी से बिजली का उपयोग करके हीटर चलाने के मामले में अलग से कार्रवाई की है। इस घटना ने एक बार फिर बिहार में कानून-व्यवस्था और माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
