मतदाता सूची में लापरवाही: शिक्षिका पर निर्वाचन कार्य में कोताही का मुकदमा दर्ज
मोदीपुरम क्षेत्र में निर्वाचन कार्यों में लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां एक सहायक अध्यापिका को बीएलओ के तौर पर मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई दौराला थाने में सरधना तहसील के लेखपाल की तहरीर पर की गई है।
सूत्रों के अनुसार, सरधना विधानसभा क्षेत्र के मछरी गांव के भाग संख्या-160 पर तैनात लेखपाल गौरव राणा ने अपनी शिकायत में बताया कि वे एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) कार्यक्रम के तहत मतदाता सूची के मिलान और मैपिंग का कार्य बीएलओ-एप के माध्यम से करवा रहे थे। इसी क्रम में, बूथ संख्या-160 पर कविता चौधरी नामक सहायक अध्यापिका को बीएलओ नियुक्त किया गया था।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि कविता चौधरी ने बीएलओ के महत्वपूर्ण निर्वाचन कार्य को गंभीरता से नहीं लिया और शुरुआत से ही वे अपनी ड्यूटी से लगातार अनुपस्थित रहीं। उनकी अनुपस्थिति के कारण बूथ संख्या-160, गांव मछरी के प्राइमरी विद्यालय पर एसआईआर का कार्य शून्य पाया गया, जिससे निर्वाचन कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। इस लापरवाही को निर्वाचन कार्य की गंभीरता के प्रति उपेक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
इस मामले की जानकारी एसडीएम सरधना सहित अन्य उच्चाधिकारियों को भी दे दी गई है। दौराला के थाना प्रभारी सुमन कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी सहायक अध्यापिका बीएलओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटि रहित बनाने के प्रयासों के बीच हुई है, और इस तरह की लापरवाही से चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी सवाल उठ सकते हैं। इससे पहले भी मतदाता सूची पुनरीक्षण में लापरवाही के चलते कुछ शिक्षकों का वेतन काटा गया है, जो इस कार्य के महत्व को दर्शाता है।
