कर्नाटक में 400 करोड़ का रेत घोटाला: कांग्रेस विधायक ने अपनी ही सरकार पर उठाए सवाल
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार अपनी ही पार्टी के एक विधायक द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद मुश्किलों में घिर गई है। मुख्यमंत्री सिद्दरमैया के आर्थिक सलाहकार और येलबुर्गा से कांग्रेस विधायक बसवराज रायरेड्डी ने राज्य में बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन का पर्दाफाश किया है, जिसमें सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप है। रायरेड्डी ने दावा किया है कि इस अवैध गतिविधि से राज्य के खजाने को 400 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
विधायक रायरेड्डी ने मुख्यमंत्री सिद्दरमैया को लिखे एक विस्तृत पत्र में आरोप लगाया है कि माइंस और भूविज्ञान विभाग के अधिकारी तुंगभद्रा नदी के किनारे बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अधिकारियों की मदद से प्रतिदिन 100 से 150 ट्रक अवैध रेत का परिवहन किया जा रहा है। रायरेड्डी ने अपनी शिकायत में खनन विभाग की वरिष्ठ अधिकारी पुष्पलता और दो भूविज्ञानी सनीथ और नवीन कुमार को इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड बताया है। उन्होंने 10 अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई है, जिनमें से कुछ 10 साल से अधिक समय से इन पदों पर बने हुए हैं।
रायरेड्डी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि इन अधिकारियों की ऐसी गतिविधियां सरकार की साख को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं। इस पत्र के सामने आने के बाद, पुष्पलता सहित कई अधिकारियों के स्थानांतरण की सिफारिश की गई है। इस खुलासे से कर्नाटक की राजनीति में भूचाल आ गया है। विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। विपक्ष के नेता आर. अशोक ने एक अखबार की कटिंग को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा करते हुए लिखा, “मुख्यमंत्री के अपने सलाहकार ने 400 करोड़ रुपये के रेत माफिया स्कैम का पर्दाफाश किया! सच अब और नहीं छिप सकता।”
आर. अशोक ने आगे लिखा कि, “यह मानने के बाद कि कर्नाटक लापरवाह गारंटी स्कीम की वजह से दिवालिया हो गया है और यह दावा करने के बाद कि यह भ्रष्टाचार में नंबर 1 राज्य है, मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार और कर्नाटक कांग्रेस के विधायक बसवराज रायरेड्डी ने अब रेत माफिया-राजनेता सांठगांठ का पर्दाफाश किया है!” यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य सरकार पहले से ही कई मुद्दों पर विपक्ष के निशाने पर है। इस मामले ने सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है और अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री सिद्दरमैया इस गंभीर आरोप पर क्या कार्रवाई करते हैं।
