राजभर हत्याओं के पोस्टर पर ओपी राजभर का पलटवार, बोले- कातिलों का नाम भी लिखें
लखनऊ में समाजवादी पार्टी के दफ्तर के बाहर लगे एक पोस्टर ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। इस पोस्टर में 2024 से 2026 के बीच राजभर समाज के लोगों की हत्याओं का जिक्र किया गया है। इस पर योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने पलटवार किया है। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पोस्टर में सिर्फ घटनाओं की गिनती नहीं दिखानी चाहिए, बल्कि हत्यारों के नाम भी स्पष्ट रूप से लिखे जाने चाहिए।
ओम प्रकाश राजभर ने कहा, “हत्या करने वाला कौन है, यह भी दिखाना चाहिए। बाराबंकी में दिनदहाड़े राजभर समाज के व्यक्ति की हत्या हुई। अगर आरोपी यादव था, तो उसके आगे यह भी लिखना चाहिए कि हत्या किसने की। मऊ में राजभर समाज की बेटी की हत्या हुई, वहां भी आरोपी का नाम साफ-साफ लिखा जाना चाहिए।” उन्होंने कौशांबी समेत अन्य घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पोस्टर में हत्यारे का नाम बताना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा, “हर समाज में अच्छे और बुरे लोग होते हैं। बाराबंकी में एक गरीब युवक बर्फ बेच रहा था। किसी ने उससे आइसक्रीम मांगी। जब उसने पैसे मांगे, तो उसकी हत्या कर दी गई। अगर दम है, मर्द हो तो पोस्टर में यह भी लिखें कि हत्या किसने की थी?” राजभर ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ गिनती नहीं, बल्कि अपराध किसने किया, यह भी बताना चाहिए।
सपा कार्यालय के बाहर लगे इस बैनर पर बड़े अक्षरों में ‘भाजपा सरकार में 2024 से 2026 के बीच में हुए राजभर समाज के लोगों की हत्याएं’ लिखा है। निवेदक के तौर पर समाजवादी युवजनसभा के प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज राजभर का नाम है। पोस्टर में वाराणसी, बलिया, गाजीपुर, मऊ, जौनपुर, बाराबंकी, कुशीनगर और संतकबीर नगर के राजभर समाज के लोगों के नाम शामिल हैं, जिनकी हत्याएं 2024 से 2026 के बीच कथित तौर पर हुई हैं।
इस घटना से राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि कैसे एक समुदाय को निशाना बनाकर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की जा रही है। यह आरोप-प्रत्यारोप का दौर दिखाता है कि आगामी चुनावों में जातीय समीकरण और सामुदायिक भावनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
