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JDU में टिकट का अजब-गजब खेल: अमौर में सबा जफर को मिला अंततः टिकट

By Nov 15, 2025

पूर्णिया के अमौर विधानसभा क्षेत्र में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर टिकट वितरण में राजग (NDA) के भीतर एक बड़ा राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। यह घटनाक्रम, जिसने पूरे जिले का ध्यान अपनी ओर खींचा, शनिवार की दोपहर से शुरू होकर रविवार की दोपहर तक चला, जिसमें अंततः बिहार सरकार की मंत्री लेशी सिंह की निर्णायक भूमिका रही।

शुरुआत में, जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने अमौर से पूर्व विधायक सबा जफर को अपना सिंबल जारी किया था। हालांकि, बाद में उनके कांग्रेस के संपर्क में होने की कथित सूचना के आधार पर पार्टी ने शनिवार को अपना फैसला बदलते हुए पूर्व राज्यसभा सदस्य साबिर अली को प्रत्याशी घोषित कर दिया। इस अचानक हुए बदलाव से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई, और सबा जफर को अंतिम क्षणों में नामांकन पत्र दाखिल करना पड़ा।

लेकिन, यह नाटकीय मोड़ यहीं खत्म नहीं हुआ। रविवार को, मंत्री लेशी सिंह के आवास पर, उनकी मौजूदगी में प्रदेश महासचिव चंदन सिंह ने घोषणा की कि सबा जफर ही अमौर से पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी होंगी। इस दौरान साबिर अली भी उपस्थित थे, जिन्होंने पार्टी के फैसले को स्वीकार किया।

चंदन सिंह ने स्पष्ट किया कि कुछ ‘गलतफहमी’ के कारण पार्टी ने पहले सबा जफर का सिंबल रद्द करने का निर्णय लिया था और साबिर अली को मैदान में उतारने का फैसला किया था। उन्होंने कहा, “बाद में सबा जफर द्वारा अपना पक्ष रखे जाने पर मंत्री लेशी सिंह के प्रयास से पार्टी नेतृत्व ने उन्हें ही मैदान में उतारने का फैसला लिया।” यह दर्शाता है कि पार्टी के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया में कितना उतार-चढ़ाव आया।

साबिर अली ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी के प्रति अपनी अटूट निष्ठा व्यक्त की। उन्होंने कहा, “मैं जनता दल यू और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति पहले भी निष्ठावान रहा हूं।” उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें सीमांचल इलाके में पार्टी के लिए काम करने का निर्देश था, और जब चुनाव लड़ने का आदेश मिला तो वे तैयार थे। साबिर अली ने कहा कि अब ‘कंफ्यूजन’ दूर हो गया है और वे पार्टी के सच्चे सिपाही की हैसियत से सबा जफर की मदद करेंगे।

सबा जफर ने इस निर्णय पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उनके संबंध में जो संशय था, वह दूर हो गया है और उन्होंने रविवार को ही पार्टी प्रत्याशी के रूप में नामांकन कर दिया है। मंत्री लेशी सिंह ने भी पुष्टि की कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार अब सबा जफर ही पार्टी की प्रत्याशी होंगी, जिससे अमौर में JDU के टिकट को लेकर चल रहा हाई-वोल्टेज ड्रामा समाप्त हो गया।

यह घटनाक्रम बिहार की चुनावी राजनीति में प्रत्याशियों के चयन की जटिलता और अंतिम समय में होने वाले बदलावों को उजागर करता है, जहां व्यक्तिगत संबंधों और शीर्ष नेतृत्व का हस्तक्षेप निर्णायक भूमिका निभाता है।

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