लाल किला धमाका: NIA ने घायलों और विशेषज्ञों के बयान दर्ज कर तेज की जांच
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने लाल किला धमाके की गुत्थी सुलझाने के लिए अपनी जांच में तेजी ला दी है। शुक्रवार को एनआईए की एक टीम लोकनायक अस्पताल पहुंची, जहां उन्होंने आतंकी हमले में घायल हुए लोगों के बयान दर्ज किए। एजेंसी का उद्देश्य धमाके के पीछे के कारणों, साजिशकर्ताओं और उनकी कार्यप्रणाली की पहचान करना है।
अस्पताल घटनास्थल के बेहद निकट स्थित है, जिसके कारण धमाके के तुरंत बाद दो को छोड़कर सभी घायलों को यहीं भर्ती कराया गया था। कई मरीज अभी भी उपचाराधीन हैं, जिनसे एनआईए अधिकारियों ने घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों के साथ-साथ किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल की। सूत्रों के अनुसार, एनआईए अधिकारी अस्पताल में काफी समय तक रहे और घायलों से गहन बातचीत की।
जांच टीम ने केवल घायलों के बयान ही नहीं, बल्कि मृतकों का पोस्टमार्टम करने वाले फोरेंसिक विशेषज्ञों से भी मुलाकात की। टीम ने उनके बयान भी नोट किए हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके अगले सप्ताह तक आने की उम्मीद है। यह रिपोर्ट जांच में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है।
दिल्ली विस्फोट की जांच में कई बड़े खुलासे सामने आ रहे हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि आतंकियों ने ईमेल ड्राफ्ट के जरिए संवाद किया था। इसके अलावा, जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर और दिल्ली में खतरनाक आतंकी साजिश की परतें खुलने से जांच का दायरा और बढ़ गया है। सहारनपुर कनेक्शन भी सामने आया है, जहां डॉक्टर आदिल के घर के बाहर कुछ संदिग्ध सामग्री मिली, जिसने पुलिस को भी चौंका दिया। श्रीनगर में जैश की धमकी वाले पोस्टर और दिल्ली विस्फोट की साजिश से जुड़े डॉक्टरों के नेटवर्क का खुलासा भी इस मामले को और जटिल बनाता है। एनआईए अब इन सभी कड़ियों को जोड़कर एक संपूर्ण तस्वीर बनाने का प्रयास कर रही है।
