सीडीएस अनिल चौहान ने रक्षा अनुसंधान व विकास पर दिया जोर, एमएसएमई की भूमिका सराही
नई दिल्ली। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने हाल ही में रक्षा अनुसंधान और विकास (R&D) के महत्व पर विशेष जोर दिया है। शुक्रवार को मानेकशॉ सेंटर में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, उन्होंने देश के रक्षा निर्माण क्षेत्र में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs), निजी क्षेत्र और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की और उसे रेखांकित किया।
यह कार्यक्रम ‘रक्षा में आत्मनिर्भरता और भविष्य के युद्ध के लिए रक्षा उद्योग पारिस्थितिकी तंत्र का लाभ उठाना’ विषय पर आधारित ‘ब्रेनस्टॉर्मिंग सेशन 2.0’ था। इसका आयोजन हेडक्वार्टर इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (एचक्यू आइडीएस) द्वारा सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (एसआईडीएम) के सहयोग से किया गया था। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाना था।
कार्यक्रम के स्वागत भाषण में, हेडक्वार्टर इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने भी तकनीकी उन्नति और अनुसंधान एवं विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्वदेशीकरण और नवाचार ही भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने की कुंजी हैं।
दिन भर चले इस सत्र में भविष्य के युद्धों के लिए आवश्यक रणनीतिक मुद्दों पर गहन चर्चा की गई। इसमें गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री के अनुसंधान एवं विकास (R&D) के साथ-साथ भविष्य की तकनीकों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र के प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाकर प्राथमिकता वाली चुनौतियों का समाधान खोजने, विकास के अवसरों की पहचान करने और स्पष्ट, कार्यान्वयन योग्य योजनाओं को सुगम बनाने का प्रयास किया गया।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि सत्र के दौरान सामने आने वाली महत्वपूर्ण बातें भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ाने, भविष्य के युद्ध क्षेत्रों में देश के नेतृत्व को सशक्त बनाने और रक्षा क्षेत्र में परिचालन तैयारियों और उद्योग क्षमताओं को और मजबूत करने में सहायक सिद्ध होंगी। सीडीएस चौहान का यह जोर भारत को रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने और वैश्विक स्तर पर एक मजबूत रक्षा शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
