दिवाली से पहले दिल्ली की हवा हुई बेहद जहरीली, लागू हुआ जीआरएपी-2 | delhi news
दिवाली के त्योहारी सीजन से ठीक पहले दिल्लीवासियों को सांस लेने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार गिरती वायु गुणवत्ता के कारण शहर में धुंध की घनी चादर छाई हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, तीन नवंबर को समग्र एक्यूआई 350 तक पहुंच गया, जो इस साल के शुरुआती महीनों के बाद सबसे खराब स्थिति है।
शहर के कई इलाकों में स्थिति और भी भयावह बनी हुई है। जहांगीरपुरी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक 462 के गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ते प्रदूषण के पीछे स्थानीय स्रोतों के साथ-साथ मौसमी परिस्थितियां भी मुख्य वजह हैं। डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के आंकड़ों से पता चलता है कि हवा को जहरीला बनाने में पराली जलाने का योगदान 15.3 प्रतिशत और सड़कों पर दौड़ने वाले वाहनों का योगदान 15.8 प्रतिशत रहा है।
बढ़ते प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी जीआरएपी के दूसरे चरण को लागू कर दिया है। इसके तहत डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर पाबंदी, पार्किंग शुल्क में वृद्धि और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। यदि हालात में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में और भी सख्त पाबंदियां लगाई जा सकती हैं, जिसका सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ेगा।
