आगरा में प्रदूषण का स्तर बढ़ा, फतेहपुर सीकरी की हवा सबसे ज्यादा जहरीली | agra news
ताज नगरी आगरा में वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। मौसम में आए बदलाव और शुष्क हवाओं के कारण शहर के विभिन्न इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई लाल निशान के करीब पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को शहर का औसत एक्यूआई बढ़कर 172 दर्ज किया गया, जो पिछले दिनों के मुकाबले काफी अधिक है।
क्षेत्रवार स्थिति पर नजर डालें तो रोहता में एक्यूआई 238 और शास्त्रीपुरम में 223 रिकॉर्ड किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। वहीं, ऐतिहासिक नगरी फतेहपुर सीकरी की स्थिति सबसे चिंताजनक रही, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक सीधे 306 पर पहुंच गया, जो बहुत खराब श्रेणी को दर्शाता है। संजय प्लेस और आवास विकास कॉलोनी जैसे प्रमुख इलाकों में भी हवा में अति सूक्ष्म कणों यानी पीएम2.5 और धूल के कणों यानी पीएम10 की मात्रा तय मानकों से काफी अधिक पाई गई है।
बढ़ते प्रदूषण स्तर का सीधा असर आम जनजीवन और खासतौर पर स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। एसएन मेडिकल कॉलेज के श्वसन रोग विशेषज्ञों का कहना है कि हवा में मौजूद ये जहरीले कण सांस के जरिए सीधे फेफड़ों तक पहुंचते हैं, जिससे श्वसन नली में सूजन और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने दमा रोगियों, बच्चों और बुजुर्गों को अत्यधिक प्रदूषित क्षेत्रों में जाने से बचने तथा घरों से बाहर निकलते समय अनिवार्य रूप से मास्क का उपयोग करने की अपील की है।
