आगरा में पर्यावरण संरक्षण की अनूठी पहल, गाय के गोबर से बने दीये और मूर्तियां बढ़ा रही हैं दीवाली की रौनक | agra news
दीपावली के पावन पर्व पर इस बार शहर में पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए एक विशेष पहल की गई है। बाजारों में पारंपरिक दीयों के साथ-साथ गाय के गोबर से निर्मित इको-फ्रेंडली दीये, मूर्तियां और पूजन सामग्री लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई हैं। इन उत्पादों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल हैं और विसर्जन के बाद जल स्रोतों को प्रदूषित करने के बजाय पानी को शुद्ध करने में मदद करते हैं।
स्थानीय स्तर पर चल रहे इस अभियान के तहत गोबर से गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां, धूपबत्ती, वंदनवार और विभिन्न देवी-देवताओं की आकृतियां तैयार की जा रही हैं। इस पहल से एक तरफ जहां प्रकृति को नुकसान से बचाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कई लोगों को आजीविका का साधन भी मिल रहा है। नगर निगम परिसर में विशेष काउंटर स्थापित किए गए हैं, जहां से लोग इन उत्पादों को आसानी से खरीद सकते हैं।
पर्यावरणविदों और जानकारों का मानना है कि इस तरह के सकारात्मक कदम उठाने से समाज में जागरूकता बढ़ती है। त्योहारों के दौरान पारंपरिक और प्राकृतिक विकल्पों को अपनाकर नागरिक प्रदूषण कम करने में अपना अहम योगदान दे सकते हैं। इससे गोवंश के संरक्षण को भी बल मिल रहा है, क्योंकि इन उत्पादों की बिक्री से मिलने वाले लाभ का एक हिस्सा गोशालाओं के रखरखाव में उपयोग किया जाता है।
