शरद पूर्णिमा पर ताजमहल की चांदनी रात का अद्भुत नजारा, पर्यटकों में दिखा भारी क्रेज | agra news
शरद पूर्णिमा की रात ताजमहल का दीदार करना हर सैलानी का सपना होता है। इस विशेष रात में जब चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होकर धरती के करीब होता है, तो उसकी श्वेत रश्मियां ताजमहल के संगमरमर पर एक अलौकिक छटा बिखेरती हैं। इस अद्भुत नजारे को ‘चमकी’ कहा जाता है, जिसे देखने के लिए भारी संख्या में पर्यटक आगरा पहुंचे थे।
ताजमहल में रात्रि दर्शन के लिए टिकटों की सीमित संख्या तय है। एक दिन में केवल 400 पर्यटकों को ही प्रवेश की अनुमति मिलती है, जिसके चलते ऑनलाइन टिकट बुकिंग शुरू होते ही कुछ ही समय में सारे टिकट बिक गए। जिन्हें मुख्य परिसर का टिकट नहीं मिल पाया, उन्होंने यमुना पार स्थित मेहताब बाग के ताज व्यू प्वाइंट से इस ऐतिहासिक इमारत के दीदार किए। रात आठ बजे से शुरू हुआ यह सिलसिला मध्यरात्रि बारह बजे तक चला, जिसमें अलग-अलग समय स्लॉट के जरिए सैलानियों को प्रवेश दिया गया।
पर्यटन गतिविधियों और सांस्कृतिक आयोजनों से स्थानीय आजीविका और शहर के पर्यटन उद्योग को बड़ा बढ़ावा मिलता है। हालांकि, सीमित टिकटों की व्यवस्था के कारण कई बार सैलानियों को निराशा भी हाथ लगती है, जिसके लिए समय रहते ऑनलाइन बुकिंग करना अनिवार्य होता है। इस बार भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच पर्यटकों ने ताजमहल की चांदनी रात की यादों अपने कैमरों में हमेशा के लिए कैद किया।
