फतेहपुर सीकरी के ऐतिहासिक जोधाबाई पैलेस की होगी केमिकल क्लीनिंग, फिर चमकेगा मुगलकालीन सौंदर्य | agra news
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) की रसायन शाखा ने विश्व धरोहर स्थल फतेहपुर सीकरी स्थित प्रसिद्ध जोधाबाई पैलेस के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दो मंजिला इस ऐतिहासिक स्मारक को उसकी खोई हुई मुगलकालीन रंगत और भव्यता वापस दिलाने के लिए केमिकल क्लीनिंग और प्रिजर्वेशन का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। इस पूरी परियोजना पर लगभग 22 लाख रुपये की लागत आने का अनुमान है।
लाल बलुआ पत्थरों से निर्मित इस अद्वितीय वास्तुकला के प्रथम तल पर आंतरिक और बाहरी दीवारों पर ज्यों-ज्यों समय बीता है, त्यों-त्यों नमी और काई के कारण काले धब्बे उभर आए हैं। इन काले पड़े पत्थरों के कारण न केवल स्मारक की सुंदरता प्रभावित हो रही है, बल्कि पर्यटकों के बीच इसकी छवि पर भी असर पड़ रहा है। एएसआइ के एनुअल कंजर्वेशन प्लान के तहत इस समस्या के समाधान के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसके तहत पहले चरण में प्रथम तल को संवारा जाएगा।
योजना के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया में बड़ी संख्या में फर्मों के शामिल होने के कारण उनकी छंटनी और जांच में कुछ समय लगा है। अब दीपावली के बाद नवंबर महीने में यहां औपचारिक रूप से कार्य शुरू होने की पूरी संभावना है। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग चार महीने का समय लगने का अनुमान है। केमिकल क्लीनिंग से जहां पत्थरों का मूल लाल रंग और चमक वापस लौटेगी, वहीं प्रिजर्वेशन तकनीक से उन्हें भविष्य में नमी और पर्यावरणीय प्रभावों से सुरक्षा भी मिलेगी।
ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की इस पहल से क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। देश-विदेश से आने वाले सैलानी जब इस मुगलकालीन धरोहर को उसके पुराने और निखरे हुए स्वरूप में देखेंगे, तो उन्हें भारतीय इतिहास और वास्तुकला की भव्यता का और अधिक गहरा अनुभव होगा। एएसआइ इससे पहले भी बुलंद दरवाजा और दरगाह परिसर जैसे महत्वपूर्ण स्मारकों पर इसी प्रकार की केमिकल क्लीनिंग और प्रिजर्वेशन का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर चुका है।
