मोबाइल की लत नशे की तरह खतरनाक, साइबर सुरक्षा पर विशेषज्ञों ने दी चेतावनी | agra news
आगरा के एक स्थानीय होटल में आयोजित साइबर सुरक्षा जागरूकता गोष्ठी के दौरान विशेषज्ञों ने डिजिटल दुनिया के खतरों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय के सलाहकार और जाने-माने साइबर एक्सपर्ट रक्षित टंडन ने मुख्य रूप से युवाओं और बच्चों में बढ़ती मोबाइल की लत को लेकर आगाह किया। उनका कहना था कि वर्तमान में मोबाइल का अत्यधिक इस्तेमाल और सोशल मीडिया पर रील्स देखने की प्रवृत्ति नई पीढ़ी के लिए ड्रग्स की तरह खतरनाक साबित हो रही है, जिससे बच्चों में मानसिक आक्रोश और भटकाव तेजी से बढ़ रहा है।
डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर प्रकाश डालते हुए एक्सपर्ट ने बताया कि सरकारी पोर्टल्स या व्यावसायिक भुगतान करते समय यूआरएल या स्पेलिंग की मामूली सी गलती भी भारी पड़ सकती है। इसके अलावा, अज्ञात नंबरों से आने वाली एपीके फाइलें, फर्जी चालान के संदेश या गैस बुकिंग से जुड़े लुभावने एसएमएस दरअसल हैकर्स द्वारा फोन को अपने कब्जे में लेने के शातिर तरीके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंटरनेट मीडिया का इस्तेमाल बेहद सतर्कता और सूझबूझ के साथ किया जाना चाहिए ताकि निजी डेटा सुरक्षित रह सके।
बढ़ते साइबर अपराधों से व्यापारिक जगत और आम नागरिकों में उपजे भय को दूर करने के उद्देश्य से इस गोष्ठी का आयोजन किया गया था। इस प्रकार की जागरूकता पहल समाज को डिजिटल फ्रॉड से बचाने और जमीनी स्तर पर लोगों को सतर्क करने में बेहद अहम भूमिका निभाती हैं।
साइबर ठगी से बचाव के लिए गोष्ठी में निम्नलिखित मुख्य सावधानियां बरतने की सलाह दी गई:
– किसी भी प्रकार की वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
– अनजान स्रोतों से आई एपीके या बिन फाइल को बिल्कुल ओपन न करें।
– यदि गलती से किसी संदिग्ध फाइल पर क्लिक हो जाए, तो तुरंत फोन से सिम कार्ड निकाल लें।
– प्रामाणिक सुरक्षा के लिए अपने स्मार्टफोन में संचार साथी ऐप और कवच एम-2 डाउनलोड करें।
– अपनी जीमेल आईडी का पासवर्ड समय-समय पर बदलते रहें।
– आधार और पैन कार्ड जैसे संवेदनशील दस्तावेजों को कभी भी इमेज फाइल के रूप में फोन में सहेज कर न रखें।
