0

घर खड़ी कार, 5 बार कटा टोल: फास्टैग धोखाधड़ी से बुजुर्ग बेहाल

By Nov 13, 2025

लखनऊ में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग व्यक्ति की कार घर पर खड़ी रहने के बावजूद उसके फास्टैग से टोल कट गया। यह घटना कोई पहली बार नहीं हुई है, पिछले दो सालों में पांच बार ऐसी ही अजीबोगरीब स्थिति का सामना करना पड़ा है।

आइआइएम रोड स्थित एल्डिको सिटी निवासी 73 वर्षीय अचल नारायण शुक्ला अपनी कार संख्या यूपी 32 केडब्ल्यू 1632 के साथ हुई इस धोखाधड़ी से बेहद परेशान हैं। हाल ही में, 13 नवंबर को फतेहगढ़ स्थित एलपेन मेन प्लाजा 21 पर उनके फास्टैग से 465 रुपये कट गए, जबकि उनकी कार घर से निकली ही नहीं थी। शुक्ला के मुताबिक, पैसा कटने के तुरंत बाद दोबारा मैसेज आता है, लेकिन फास्टैग में बैलेंस न होने के कारण पैसा दोबारा नहीं कट पाता।

यह समस्या उनके लिए नई नहीं है। उन्होंने बताया कि सबसे पहले उनके पेटीएम फास्टैग से पैसे कटे थे। इसके बाद उन्होंने बैंक ऑफ बड़ौदा का फास्टैग लिया, लेकिन समस्या बनी रही। 21 मार्च 2024 को नवाबगंज टोल प्लाजा पर 90 रुपये और फिर 13 अप्रैल 2024 को उसी टोल पर 90 रुपये कटे। इसके अलावा, 30 अगस्त को बहराइच के गुलाल पुरवा में भी उनके फास्टैग से 55 रुपये की कटौती हुई थी।

अचल नारायण शुक्ला का आरोप है कि पुलिस उनकी शिकायत दर्ज नहीं करती है, और एनएचएआइ व बैंक केवल झूठे आश्वासन देते हैं। उन्होंने बैंक ऑफ बड़ौदा और एनएचएआइ के टोल फ्री नंबरों (18001034568 और 1033) पर कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं। उन्हें शिकायत संख्या सीएमपी000000000312873 भी मिली, लेकिन उनकी समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। शुक्ला का कहना है कि उनकी गाड़ी पर साइबर हमला किया जा रहा है, जिसे जिम्मेदार पकड़ नहीं पा रहे हैं, या यह कोई तकनीकी गड़बड़ी है जिसे ठीक करने की जरूरत है। वहीं, इस मामले पर एनएचएआइ के परियोजना निदेशक कर्नल शरद चंद्र सिंह ने कहा है कि जिस बैंक के खाते से टोल कटा है, इस संबंध में उनसे ही संपर्क किया जाए। एनएचएआइ इस संबंध में जानकारी नहीं दे सकता है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने उन्हें एक नया फास्टैग देने की बात कही है।

यह घटना फास्टैग प्रणाली की सुरक्षा और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाती है। जब घर पर खड़ी गाड़ी के फास्टैग से टोल कट सकता है, तो यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि इस व्यवस्था में या तो गंभीर तकनीकी खामियां हैं या फिर धोखाधड़ी के मामले बढ़ रहे हैं। इस तरह की घटनाएं आम जनता, खासकर बुजुर्गों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं, जिन्हें समाधान के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। संबंधित अधिकारियों को इस समस्या का शीघ्र समाधान निकालना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी धोखाधड़ी या तकनीकी त्रुटियों से बचा जा सके।

About

Journalist covering latest updates.

अगली खबरें

रिश्वतखोरी में बैंक मैनेजर को 5 साल की कैद, 50 हजार का जुर्माना भी

लखनऊ: सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़े संदेश के रूप में, बैंक ऑफ बड़ौदा के एक शाखा प्रबंधक रामस्वरूप मिश्र को रिश्वतखोरी के गंभीर मामले में दोषी पाए जाने पर सीबीआई मामलों के...
By Nov 13, 2025

साझा करें