CJP के समर्थन के आरोपों पर के. अन्नामलाई की सफाई, कहा- लोकतंत्र में विरोध का अधिकार जरूरी | tamil nadu news
तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े विवाद पर सफाई पेश करते हुए स्पष्ट किया है कि उनके बयानों को इस संगठन के समर्थन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि CJP का एजेंडा पूरी तरह अलग है और उनके विचार उससे मेल नहीं खाते हैं। यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब CJP के प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई की आलोचना करने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई थीं।
एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए अन्नामलाई ने कहा कि उन्हें देशभक्ति पर किसी से भी उपदेश लेने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों में काम करने के अपने अनुभवों का हवाला देते हुए भारत की एकता और संप्रभुता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि प्रदर्शनकारियों ने किसी प्रकार का कानून तोड़ा है, तो कानून सम्मत तरीके से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन केवल सोशल मीडिया के जरिए डर का माहौल नहीं बनाया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए अन्नामलाई ने उन्हें एक बेहतरीन नेता बताया, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि सरकार के हर फैसले या बात को आँख मूंदकर सही नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि जो बातें गलत लगेंगी, उन पर सवाल उठाना एक जिम्मेदार नागरिक और राजनेता का कर्तव्य है। चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट जैसी महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक संस्थाओं पर जनता का भरोसा बनाए रखना आवश्यक है, और इनमें किसी भी प्रकार की कमजोरी स्वीकार्य नहीं है।
इस पूरे घटनाक्रम पर पार्टी के भीतर भी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। तमिलनाडु बीजेपी के कुछ प्रवक्ताओं ने अन्नामलाई के बयानों की आलोचना करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध और कानून तोड़ने के बीच की रेखा को स्पष्ट रखना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयानों से राजनीतिक बहस को नई दिशा मिलती है, जिससे आम जनता के बीच लोकतांत्रिक अधिकारों और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर एक व्यापक चर्चा छिड़ती है।
