दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का संकट गहराया, जीआरएपी-1 का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना | delhi ncr pollution alert
दिल्ली और उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा का एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 के पार दर्ज किए जाने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने स्थिति से निपटने के लिए जीआरएपी का पहला चरण प्रभावी कर दिया है। इस कड़े कदम के तहत क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने वाली तमाम गतिविधियों पर लगाम कसने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों की टीमों ने मैदानी स्तर पर निरीक्षण तेज कर दिया है। होटल, रेस्तरां और ढाबों पर तंदूर में लकड़ी व कोयले के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके अलावा खुले में कूड़ा, प्लास्टिक और सूखे पत्ते जलाने वालों के खिलाफ सख्त पाबंदियां लागू हैं। सड़कों पर उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए नियमित रूप से पानी का छिड़काव और मैकेनिकल स्वीपिंग कराई जा रही है।
नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें लगातार औचक निरीक्षण कर रही हैं। शुरुआती दौर की जांच में कई निर्माण स्थलों और व्यावसायिक इकाइयों पर गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके चलते भारी-भरकम जुर्माने की कार्रवाई की गई है। खराब सड़कों से उठने वाली धूल पर नियंत्रण के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सड़क निर्माण और मरम्मत के कार्य जल्द पूरे करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि आने वाले दिनों में नागरिकों को स्वच्छ हवा मिल सके।
