परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड: सभी चारों आरोपी 5 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजे गए | punjab crime news
पंजाब के मानसा जिले में हुए बहुचर्चित एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए सभी चारों आरोपियों को अदालत ने आगामी 5 नवंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सोमवार को पुलिस ने सुरक्षा और प्रक्रिया के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री राजिंदर नागपाल की अदालत में पेश किया, जहां सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया गया।
अदालत के आदेश के तहत जिन आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, उनमें अश्वनी कुमार, नीलम रानी, विपन और लड्डी शामिल हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही सख्त कदम उठाए थे, जिसके तहत मानसा सब-डिवीजन के डीएसपी हरजिंदर गिल और ड्रग इंस्पेक्टर नीरज को निलंबित कर दिया गया था। इस कार्रवाई से प्रशासनिक हलकों में भी हड़कंप मच गया था और जनता में न्याय की उम्मीद बंधी थी।
इस बीच, हत्याकांड की संवेदनशील प्रकृति को ध्यान में रखते हुए जांच का जिम्मा केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया गया है। सीबीआई की एक विशेष टीम ने मानसा पहुंचकर मामले से जुड़े तमाम जरूरी दस्तावेज, रिकॉर्ड और जब्त सामान को अपने कब्जे में ले लिया है। एक वरिष्ठ डीआईजी के नेतृत्व में गठित इस विशेष टीम के साथ फोरेंसिक विशेषज्ञ और ड्रग कंट्रोलर्स भी मानसा में डेरा डाले हुए हैं, ताकि इस हत्याकांड की परतें खोली जा सकें और किसी भी दोषी को बख्शा न जाए।
