अहमदाबाद की तर्ज पर सजेगा यमुना किनारा, साइकिल ट्रैक से लेकर खेल के मैदान तक होंगे विकसित | delhi news
दिल्ली में यमुना नदी के स्वरूप को पूरी तरह बदलने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कवायद तेज हो गई है। सरकार की योजना पल्ला से लेकर कालिंदी कुंज तक के भूभाग को आधुनिक तर्ज पर विकसित करने की है, ताकि आम जनता को सैर-सपाटे और मनोरंजन के लिए एक बेहतरीन सार्वजनिक स्थल मिल सके। इस पूरी परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए साबरमती रिवरफ्रंट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर काम आगे बढ़ाया जा रहा है।
विकास कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए विशेषज्ञों और सलाहकारों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह परियोजना मुख्य रूप से दो चरणों में बांटी गई है। पहले चरण में पल्ला से वजीराबाद तक के हिस्से को संवारा जाएगा, जबकि दूसरे चरण में वजीराबाद से ओखला बैराज यानी कालिंदी कुंज तक का दायरा विकसित किया जाएगा। सरकार का मुख्य जोर शुरुआती चरण पर है ताकि जल्द से जल्द जनता के सामने एक मॉडल पेश किया जा सके।
नदी किनारे के इस सौंदर्यीकरण के साथ-साथ यमुना की स्वच्छता सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है। इसके लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों की कार्यक्षमता बढ़ाई जा रही है और गंदे नालों के पानी को नदी में गिरने से रोकने के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। इस बदलाव से राजधानी के पर्यावरण में सुधार होने के साथ-साथ लोगों को एक नया रिवरफ्रंट मिलने की उम्मीद है।
