मुंबई में विदेश मंत्री एस जयशंकर से मिले अमेरिकी समकक्ष मार्को रुबियो, ट्रेड डील पर जताई गहरी उम्मीद | international news
भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों को एक नया आयाम देते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपनी पत्नी के साथ दो दिवसीय भारत दौरे के दौरान मुंबई में महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इस हाई-प्रोफाइल दौरे की शुरुआत उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के साथ ऐतिहासिक गेटवे ऑफ इंडिया के दौरे से की। इसके बाद उन्होंने 26/11 आतंकी हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए ताज मेमोरियल का रुख किया।
ताज मेमोरियल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और अमेरिका का अभिन्न रणनीतिक साझीदार करार दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग से लेकर वाणिज्यिक साझेदारी तक के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। इस दौरान भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ उनकी उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें आपसी हितों के तमाम मुद्दों के साथ-साथ अटकी हुई ट्रेड डील पर भी प्रमुखता से मंथन किया गया।
व्यापारिक समझौते के भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर मार्को रुबियो ने सकारात्मक संकेत देते हुए कहा कि दोनों देश एक ऐतिहासिक समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। कुछ अंतिम और तकनीकी बिंदुओं को सुलझाया जाना बाकी है, जिसके बाद जल्द ही एक ठोस ट्रेड डील लागू होने की पूरी संभावना है। इस समझौते से दोनों देशों के व्यापारियों और उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी।
मुंबई के कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक संपन्न करने के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री अपने दौरे के अगले चरण के तहत गुजरात के जामनगर के लिए रवाना होंगे। जामनगर में उनका रिलायंस इंडस्ट्रीज की दुनिया की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी का दौरा करने का कार्यक्रम है, जो ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देशों के बढ़ते सहयोग को दर्शाता है।
