सऊदी अरब में दो बांग्लादेशी नागरिकों को मौत की सजा मिलने पर कूटनीतिक विवाद गहराया | bangladesh news
सऊदी अरब और बांग्लादेश के बीच उस समय कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है, जब मक्का की एक पवित्र मस्जिद के भीतर कथित तौर पर अश्लील कृत्य करने के आरोप में दो बांग्लादेशी नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया गया। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद बांग्लादेशी प्रशासन ने हैरानी जताई है और राजनयिक स्तर पर स्पष्टीकरण मांगा है।
सऊदी गृह मंत्रालय के अनुसार, सजा पाने वालों की पहचान नजरुल इस्लाम अब्दुल बशीर और सिती अख़्तर के रूप में हुई है। इन्हें इस्लामी कानून के ‘ताजीर’ प्रावधानों के तहत सजा दी गई है, जिसमें अपराध की गंभीरता और धार्मिक स्थल की पवित्रता के हनन को आधार बनाया गया हालांकि, किस तरह का कृत्य किया गया था, इसका स्पष्ट खुलासा नहीं किया गया है।
बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय का कहना है कि उन्हें और रियाद स्थित उनके दूतावास को इस पूरी कार्रवाई की भनक तक नहीं लगने दी गई। फांसी दिए जाने के दिन ही इस बात की सूचना सामने आई, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच पारंपरिक रूप से मजबूत माने जाने वाले संबंधों पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
खाड़ी देश में तीस लाख से अधिक बांग्लादेशी श्रमिक कार्यरत हैं, जिनमें से अधिकांश कम आय वाले मजदूर वर्ग से हैं। इस अप्रत्याशित कार्रवाई के बाद प्रवासी कामगारों के बीच सुरक्षा और मानवाधिकारों को लेकर गहरी चिंता का माहौल बन गया है, और अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सऊदी सरकार इस पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया देती है।
