बॉलीवुड में अंडरवर्ल्ड के खौफनाक दखल और 1982 के उस बहुचर्चित अपहरण की अनकही दास्तान | entertainment news
सिनेमा के इतिहास में जब भी बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के संबंधों का जिक्र होता है, तो साल 1982 की वह घटना सबसे पहले सामने आती है जब मशहूर फिल्म निर्माता मुशीर आलम को सरेआम اغوا (अपहरण) कर लिया गया था। यह वह दौर था जब अमिताभ बच्चन और दिलीप कुमार जैसे दिग्गज कलाकारों से सजी फिल्म ‘शक्ति’ सिनेमाघरों में रिलीज होने की तैयारी कर रही थी। वर्ली के व्यस्त चौराहे पर हुई इस वारदात ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया था।
मुशीर आलम के अपहरण के पीछे दाऊद इब्राहिम के कट्टर प्रतिद्वंद्वी पठान गैंग का हाथ था। इस गैंग के सरगना अमीरजादा और आलमजेब थे, जिन्हें अपने आपराधिक नेटवर्क को चलाने के लिए भारी रकम की आवश्यकता थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुशीर आलम के मैनेजर द्वारा काले धन को लेकर की गई शेखी इस बड़ी साजिश की मुख्य वजह बनी। हथियारों से लैस बदमाशों ने एक मिनट से भी कम समय में इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया, जो बॉलीवुड में अपराध के सुनहरे अध्याय की एक काली शुरुआत थी।
इस तरह की आपराधिक घटनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि फिल्म जगत हमेशा से संगठित अपराध और रंगदारी के लिए एक आसान जरिया रहा है। हालांकि समय के साथ अपराधियों के चेहरे और गैंग बदल गए हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों और कानून के सामने फिल्म इंडस्ट्री को सुरक्षित रखना आज भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
