भारतीय रेलवे ने बदला गतिमान और वंदे भारत समेत कई ट्रेनों का पीएनआर सिस्टम, जानिए यात्रियों पर क्या होगा असर | railway news
भारतीय रेलवे ने आगामी नवंबर और दिसंबर के तीसरे सप्ताह से देश की कई प्रमुख ट्रेनों के पैसेंजर नेम रिकॉर्ड यानी पीएनआर सीरीज में बड़ा बदलाव करने की घोषणा की है। इस नए बदलाव के दायरे में गतिमान एक्सप्रेस, खजुराहो वंदे भारत, ताज एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस, नई दिल्ली इंटरसिटी, एपी एक्सप्रेस, केरला और तमिलनाडु एक्सप्रेस समेत दो दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल रहेंगी। रेलवे के इस कदम का मुख्य उद्देश्य टिकट बुकिंग प्रक्रिया को और अधिक सरल व सुगम बनाना है।
बता दें कि भारतीय रेलवे ने वर्ष 1986 में कंप्यूटरीकृत रेल आरक्षण प्रणाली की शुरुआत की थी, जिसके तहत 10 अंकों का पीएनआर नंबर जारी किया जाता है। वर्तमान व्यवस्था में पीएनआर के शुरुआती तीन अंक संबंधित डेटाबेस सेंटर और रेलवे क्षेत्र की पहचान दर्शाते हैं, जैसे दिल्ली की ट्रेनों का पीएनआर दो से, कोलकाता का छह से, मुंबई का आठ से और चेन्नई का चार से शुरू होता है। रेलवे द्वारा एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत इस नई प्रणाली का परीक्षण किया गया था, जो पूरी तरह सफल रहा जिसके बाद इसे व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है।
सेंटर फॉर रेलवे इंफार्मेशन सिस्टम्स द्वारा आधुनिक और उन्नत पीढ़ी की आरक्षण प्रणाली पर काम किया जा रहा है। इस तकनीकी बदलाव का मुख्य उद्देश्य रेलवे के आरक्षण से जुड़े तकनीकी ढांचे को और अधिक मजबूत और आधुनिक बनाना है। नई पीएनआर सीरीज इसी व्यापक तकनीकी सुधार का एक अहम हिस्सा है, जिसके तहत पीएनआर नंबर अब 500 या 700 जैसी नई सीरीज या अन्य अंकों से शुरू हो सकते हैं। इस बदलाव से यात्रियों को तकनीकी रूप से उन्नत अनुभव मिलेगा, हालांकि यात्रा की तारीख बदलते समय यात्रियों को पीएनआर से जुड़े विवरण पर विशेष ध्यान देना होगा।
